चक्रवात अर्नब से प्रभावित राज्यों को हरसंभव मदद का भरोसा, शाह ने आंध्र और ओडिशा के सीएम से की बात
IANS
- 29 Oct 2026, 02:50 PM
- Updated: 02:50 PM
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने चक्रवात अर्नब के मद्देनजर आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की है और आपदा से प्रभावित लोगों की परेशानियां कम करने के लिए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में शाह ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बलों (एसडीआरएफ) ने बचाव एवं राहत अभियान शुरू कर दिए हैं।
शाह ने कहा, “चक्रवात अर्नब के मद्देनजर आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की और आपदा से प्रभावित लोगों की मुश्किलें कम करने के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय हो गई हैं और युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत अभियान चला रही हैं। नुकसान का आकलन करने और आगे की सहायता की जरूरत का पता लगाने के लिए केंद्रीय टीमों को जल्द भेजा जाएगा। भारत सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है।”
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार को जारी अपने ताजा मौसम बुलेटिन में कहा कि चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। इसके गुरुवार सुबह तक और कमजोर होकर दबाव के क्षेत्र में बदलने तथा शाम तक स्पष्ट रूप से चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
चक्रवात के कारण हुई भारी बारिश से दक्षिणी ओडिशा के कम से कम 17 जिले प्रभावित हुए हैं। चक्रवात बुधवार को आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था।
आंध्र प्रदेश में पांच लोगों की मौत हो गई। इसके बाद मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रभावित परिवारों, किसानों, मछुआरों और कारोबारियों के लिए राहत एवं मुआवजा पैकेज की घोषणा की।
देश के अन्य हिस्सों में केरल में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने की संभावना है, जबकि दिन के तापमान में वृद्धि हो सकती है। तेलंगाना के 12 जिलों में गुरुवार को कुछ स्थानों पर बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है।
झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश तेज होने और शुक्रवार तक जारी रहने का अनुमान है। पूर्वी सिंहभूम जिले के गुड़ाबांदा में बुधवार शाम से अब तक सबसे अधिक 71.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी में 64 मिलीमीटर बारिश हुई।
इस बीच, चक्रवात अर्नब ने 12 साल पहले इस क्षेत्र में तबाही मचाने वाले चक्रवात हुदहुद की भयावह यादें ताजा कर दीं। हालांकि, अर्नब की तीव्रता कम थी और यह शहर के तट से नहीं टकराया, लेकिन रातभर तेज हवाएं चलती रहीं।
शहर के हरित क्षेत्र को व्यापक नुकसान, बिजली के खंभों का उखड़ना, लंबे समय तक बिजली गुल रहना और मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से लोगों को अक्टूबर 2014 में आए चक्रवात हुदहुद से हुई तबाही की याद आ गई।