प्रधानमंत्री मोदी ने 54वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की, 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा
IANS
- 29 Oct 2026, 02:46 PM
- Updated: 02:46 PM
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि 54वीं प्रगति (PRAGATI) बैठक में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी लाने, रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास, दवा निर्माण में आत्मनिर्भरता मजबूत करने और एकता मॉल के माध्यम से स्थानीय कारीगरों एवं कारोबारियों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने बुधवार को इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “कल 54वीं प्रगति बैठक की अध्यक्षता की। इसमें 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 16,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की गई। रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास में तेजी लाकर उन्हें बहु-माध्यम परिवहन केंद्र बनाना, दवा निर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना और एकता मॉल के माध्यम से कारीगरों तथा स्थानीय कारोबारियों को सशक्त बनाना प्रमुख प्राथमिकताएं रहीं। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है—ठोस परिणाम, समय पर काम पूरा करना और लोगों को लंबे समय तक लाभ पहुंचाना।”
यह बैठक सेवा तीर्थ में प्रगति मंच के तहत आयोजित की गई। प्रगति का पूरा नाम ‘प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन’ है। यह सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी पर आधारित बहु-माध्यम मंच केंद्र और राज्य सरकारों को एक साथ लाता है, ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तथा कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार हो।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में रेलवे, एकता मॉल और बल्क ड्रग पार्क से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित समयसीमा का पालन करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर बनाने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री एकता मॉल पहल के संबंध में मोदी ने कहा कि इन केंद्रों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि कारीगरों की आजीविका मजबूत हो और वे अपने कारोबार का विस्तार कर सकें। उन्होंने इन मॉल को पर्यटन और स्थानीय उद्यमों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मांग बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
उन्होंने मुख्य सचिवों से इन परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और उन्हें समय पर पूरा करना सुनिश्चित करने को भी कहा।
आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में बल्क ड्रग पार्क की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री ने दवा निर्माण में देश की आत्मनिर्भरता मजबूत करने के लिए सक्रिय औषधीय घटकों (एपीआई) और अन्य आवश्यक दवा सामग्रियों के घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने मुख्य सचिवों से जिलाधिकारियों के साथ सरकारी योजनाओं की मासिक समीक्षा करने को भी कहा, ताकि क्रियान्वयन में कमियों की पहचान की जा सके और पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित हो। उन्होंने जोर दिया कि शासन व्यवस्था में खर्च के बजाय परिणामों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि सार्वजनिक धन से लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार हो।
आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पिछड़े क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए विभिन्न योजनाओं के बीच समन्वय, नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच में सुधार के लिए किए गए निरंतर प्रयासों से करीब 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं।
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री ने देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण में तेजी लाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुनर्विकसित स्टेशनों को बहु-माध्यम परिवहन केंद्र के रूप में काम करना चाहिए, जहां मेट्रो सेवाओं और परिवहन के अन्य साधनों से निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध हो।
प्रधानमंत्री मोदी ने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को मिशन मोड में बाधाओं को दूर करने, समन्वय मजबूत करने और उच्चतम स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जवाबदेही बढ़ाने, सक्रियता के साथ निर्णय लेने और समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी जोर दिया, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूरी हो सकें।