भाजपा ने कांग्रेस पर 'सत्ता परिवर्तन की साजिश' का आरोप लगाया, राहुल गांधी को 'गद्दार' कहा
भाषा
- 22 Oct 2026, 05:43 PM
- Updated: 05:43 PM
नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने फ्रांस में हुए दंगों और भारत में हालिया विरोध-प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों वाली एक मीडिया रिपोर्ट का बृहस्पतिवार को हवाला देते हुए दावा किया कि इससे कांग्रेस की "अराजकता और सत्ता परिवर्तन की साजिश" उजागर होती है। भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'गद्दार' करार दिया।
पलटवार करते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि कथित 'वोट चोरी' को लेकर व्यापक जनाक्रोश के बीच भाजपा ''हताशा और घबराहट'' में लोगों का मुद्दों से ध्यान भटकाने और झूठ फैलाने की कोशिश कर रही है।
'द टाइम्स ऑफ इंडिया' में प्रकाशित एक खबर के अनुसार, 'फॉक्स न्यूज' की पड़ताल में फ्रांस में दंगों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारत में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच कथित संबंधों का पता चलने का दावा किया गया है।
यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ''लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी देश के सामने अराजकता और 'गद्दारी' का मॉडल पेश कर रहे हैं। आज एक अखबार में खबर आई है, जिसमें बताया गया है कि विश्वासघात के ये कथित संबंध विदेशी एजेंसियों से जुड़े हैं। इसलिए यह पूछना गलत नहीं होगा कि इन गद्दारों का नेता कौन है?''
भाटिया ने राहुल गांधी को ''गद्दार'' करार दिया।
प्रवक्ता ने कहा, ''यह भारत का दुर्भाग्य है कि विपक्ष का नेता गैर-जिम्मेदार और अपरिपक्व है और अगर मैं आपके सामने सबूत पेश करूं, तो उन्हें गद्दार या मीर जाफर कहना गलत नहीं होगा।''
उन्होंने दावा किया, ''फॉक्स न्यूज की पड़ताल से पता चलता है कि फ्रांस सहित नौ देशों में संगठनों ने ऐसा तंत्र तैयार किया है, जो निर्वाचित सरकारों को गिराने की कोशिश करता है। यह 'रेड-ग्रीन' विरोध प्रदर्शनों का तंत्र' है।''
भाटिया ने कहा, ''फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लाल रंग कम्युनिस्ट समूहों का, जबकि हरा रंग इस्लामी समूहों का प्रतिनिधित्व करता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 'वैश्विक अराजकता फैलाने वाले संगठनों की संख्या बढ़कर 101 हो गई है।' वैश्विक अराजकता, अव्यवस्था और अशांति... ये 101 संगठन नौ देशों में सक्रिय हैं।''
इस मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''वैश्विक जांच ने कांग्रेस की अराजकता और सत्ता परिवर्तन की साजिश को उजागर किया है।''
भंडारी ने कहा कि 'ग्लोबल केऑस इंक ग्रोज टू 101 ग्रुप्स' शीर्षक वाली जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह कम्युनिस्ट संगठन 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' (पीआई) फ्रांस, अल्बानिया और भारत में विरोध-प्रदर्शनों के बीच साझा संदेशों का समन्वय कर रहा था।
उन्होंने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा कि इन संदेशों का उद्देश्य "नए विद्रोह के जरिये संगठित शक्ति हासिल करना", सत्ता परिवर्तन करना था।
भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने 10 अप्रैल, 2025 को '10 जनपथ' में 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा, ''यह इस बात को और साबित करता है कि राहुल गांधी और कांग्रेस विदेशी अलोकतांत्रिक ताकतों के 'रिमोट कंट्रोल' हैं।''
भंडारी ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या उसने विरोध-प्रदर्शनों के दौरान 'प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल' के साथ समन्वय किया था?
उन्होंने सवाल किया, ''जब विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे, तब कांग्रेस और इस संगठन के बीच किन संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा था? क्या राहुल गांधी का वियतनाम जाना एक नवंबर के अराजक विरोध-प्रदर्शन के लिए ऐसे कई संगठनों से निर्देश लेने से जुड़ा है?''
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
भाषा