छत्तीसगढ़: हसदेव जंगलों में खनन के विरोध में सरगुजा में रैली, ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
सं संजीव खारी
- 16 Jan 2026, 11:06 PM
- Updated: 11:06 PM
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़), 16 जनवरी (भाषा) छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के सैकड़ों ग्रामीणों ने शुक्रवार को जैव विविधता से भरपूर हसदेव अरण्य क्षेत्र में खनन परियोजनाओं के विरोध में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरगुजा के जिला मुख्यालय अंबिकापुर स्थित बीटीआई मैदान में एक जनसभा की और इसके बाद जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च किया, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित 13 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) को सौंपा।
उत्तर छत्तीसगढ़ में स्थित सरगुजा संभाग में बलरामपुर–रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिले शामिल हैं।
यह विरोध प्रदर्शन कई सामाजिक संगठनों और किसान समूहों के संयुक्त आह्वान पर आयोजित किया गया, जिनमें हसदेव बचाओ संघर्ष समिति, हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन शामिल हैं।
आयोजकों ने आरोप लगाया कि संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की सहमति के बिना खनन परियोजनाओं को मंजूरी दी जा रही है।
छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा की सहमति के बिना सरगुजा सहित पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं के लिए वन भूमि का स्वरूप बदला जा रहा है और भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर आदिवासी समुदायों के अधिकारों की अनदेखी कर पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया।
शुक्ला ने दावा किया कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील हसदेव अरण्य क्षेत्र में खनन से बड़े पैमाने पर जंगलों का विनाश होगा और मानव–हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ेंगी।
हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति की सुनीता पोर्ते ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा ने वर्ष 2022 में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर हसदेव क्षेत्र में खनन गतिविधियां नहीं करने की बात कही थी।
रैली के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में अन्य मांगों के साथ हसदेव अरण्य में केंते एक्सटेंशन कोयला ब्लॉक के लिए वन एवं पर्यावरण मंजूरी रद्द करने, एसईसीएल की मदनपुर खदान और अमेरा विस्तार परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण तत्काल रोकने, बलरामपुर जिले की वाड्रफनगर तहसील के गांवों में ग्रेफाइट सर्वेक्षण कार्य बंद करने, मैनपाट में प्रस्तावित खनन परियोजना रद्द करने, मौजूदा खदानों में पर्यावरणीय मानकों का सख्ती से पालन कराने और स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार देने की मांग की गई है।
भाषा सं संजीव