केंद्रीय बजट ने बेरोजगारी, महंगाई जैसी देश की मुख्य चिंताओं को नजरअंदाज किया : आम आदमी पार्टी
पारुल
- 01 Feb 2026, 11:00 PM
- Updated: 11:00 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई और संघीय संतुलन से संबंधित देश की प्रमुख चिंताओं को नजरअंदाज करने के अलावा गोवा तथा पंजाब जैसे राज्यों को हाशिये पर छोड़ने का आरोप लगाया।
'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य से देखें, तो यह बजट महंगाई और बेरोजगारी में वृद्धि का कारण बनेगा।
केजरीवाल ने इस बात पर बल दिया कि आज युवाओं के लिए प्राथमिक चिंताएं बेरोजगारी और महंगाई हैं। उन्होंने कहा कि बजट में कई परिवारों के सामने पेश आने वाली चुनौतियों के समाधान का अभाव है।
'आप' प्रमुख ने कहा, ''आज बच्चों और युवाओं के सामने बेरोजगारी तथा महंगाई सबसे बड़ी समस्या है, फिर भी बजट में रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस योजना मौजूद नहीं है।''
केजरीवाल ने कावलेम गांव में संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में पेश किए गए बजट में गोवा के लिए कुछ भी नहीं है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया, ''केंद्र सरकार गोवा और उसकी जनता को भूल चुकी है। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य से देखें तो, यह बजट महंगाई बढ़ाएगा और बेरोजगारी भी पैदा करेगा। इस बजट में महंगाई और बेरोजगारी से निपटने के लिए कोई उपाय नहीं सुझाए गए हैं।''
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गोवा को 'बर्बाद' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोग राज्य में व्याप्त समस्याओं के बारे में बोलने से डरते हैं।
केजरीवाल ने गोवा में 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा, ''गोवा में कांग्रेस और भाजपा के बीच साठगांठ के कारण लोग एक विकल्प की तलाश कर रहे हैं। कांग्रेस एक तरह से भाजपा की सहयोगी इकाई है। 'आप' गोवा में एक विकल्प के रूप में उभर रही है।''
'आप' के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा, ''प्रधानमंत्री को 24 करोड़ नौकरियों का हिसाब देना होगा और यह बताना होगा कि रोजगार के वादे का क्या हुआ।''
उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने की प्रतिबद्धता के बारे में भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने राज्य की लगातार उपेक्षा पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा, ''हमेशा की तरह, पंजाब और पंजाबियों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया है।''
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