नब दास हत्याकांड: ओडिशा के कानून मंत्री ने पूर्व बीजद विधायक को मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की सलाह दी
पारुल सुभाष
- 16 Jan 2025, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
भुवनेश्वर, 16 जनवरी (भाषा) ओडिशा सरकार ने बीजू जनता दल (बीजद) की पूर्व विधायक दीपाली दास को सलाह दी है कि वह अपने पिता एवं पूर्व मंत्री नब किशोर दास की हत्या से जुड़े मामले की सीबीआई जांच के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखें।
कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने यह सलाह ऐसे समय में दी है, जब दीपाली ने एक दिन पहले सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से आग्रह किया था कि वह 29 जनवरी 2023 को झारसुगुड़ा में एक पुलिसकर्मी द्वारा उनके पिता की हत्या से जुड़े मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग पर राज्य सरकार का रुख स्पष्ट करें।
हरिचंदन ने कहा, ‘‘मीडिया में चिंता व्यक्त करना कोई औपचारिक शिकायत नहीं है। इसके बजाय, उन्हें उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक लिखित आवेदन देना चाहिए। अगर उन्हें (दीपाली) और उनके परिवार को पिछली सरकार द्वारा कराई गई जांच पर कोई आपत्ति है, तो उन्हें आगे आना चाहिए और सरकार को पत्र लिखना चाहिए। इसके बाद मुख्यमंत्री इस मामले पर विचार करेंगे।’’
कानून मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार के भावी कदम पर आखिरकार मुख्यमंत्री को फैसला लेना है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जब विपक्ष में थी, तब उसने ओडिशा पुलिस की अपराध शाखा की ओर से की जा रही जांच पर सवाल उठाए थे। हालांकि, तत्कालीन बीजद सरकार ने भाजपा की आपत्ति के बावजूद अपराध शाखा से मामले की जांच करवाना जारी रखा।’’
हरिचंदन ने कहा कि चूंकि, भाजपा विधायकों ने पिछले विधानसभा सत्र में, दास की हत्या का मुद्दा उठाया था और मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी, इसलिए अब दीपाली मुख्यमंत्री से राज्य सरकार का रुख जानना चाहती हैं।
भाजपा के वरिष्ठ विधायक और ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके जयनारायण मिश्रा ने कहा कि वह दास की हत्या के दिन से ही मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
मिश्रा ने कहा, ‘‘हालांकि, दास के परिवार के सदस्य उस समय चुप रहे और अपराध शाखा की जांच पर एक शब्द भी नहीं बोला। अगर परिवार औपचारिक शिकायत करता है, तो भाजपा सरकार यकीनन उसकी मदद करेगी।’’
यह पूछे जाने पर कि क्या माझी दिवंगत विधायक के परिवार को बातचीत के लिए बुलाएंगे, जैसा कि बुधवार को दीपाली ने सुझाव दिया था, मिश्रा ने कहा, ‘‘ परिवार को बुलाने का कोई मतलब नहीं है। अगर उन्हें कोई शिकायत है, तो परिवार के सदस्य सीधे मुख्यमंत्री के पास जा सकते हैं। अगर वे चाहें, तो मैं मुख्यमंत्री से उनकी मुलाकात करा सकता हूं।’’
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक संतोष सिंह सलूजा ने भी कहा कि उन्होंने और उनकी पार्टी ने पहले दास की हत्या की या तो सीबीआई जांच या न्यायिक जांच की मांग की थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि न तो तत्कालीन सरकार और न ही दास के परिवार ने कांग्रेस की मांग का समर्थन किया।
दीपाली ने बुधवार को कहा था, ‘‘पिछले विधानसभा सत्र में दो भाजपा विधायकों ने यह मुद्दा उठाया था और मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का एक वर्ग सवाल कर रहा है कि मैं सीबीआई जांच की मांग क्यों नहीं कर रही हूं। बेटी होने के नाते मैं ऐसे आरोपों से आहत हूं। माझी सरकार से मेरा सवाल है कि क्या वह सीबीआई जांच कराएगी? हमारे परिवार पर उंगलियां उठाई जा रही हैं। क्या सरकार हमारे साथ खड़ी होगी?’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं मुख्यमंत्री से अपील करती हूं कि वह हमारे परिवार से मिलें, मामले पर चर्चा करें और फिर आगे की कार्रवाई करें।’’
भाषा पारुल