मैं आज सबसे ज्यादा खुश हूं: गृह मंत्री शाह ने समर्पण कर चुके नक्सलियों से मुलाकात में कहा
नेत्रपाल नरेश
- 15 Dec 2024, 09:48 PM
- Updated: 09:48 PM
जगदलपुर (छत्तीसगढ़), 15 दिसंबर (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समर्पण कर चुके नक्सलियों के एक समूह से रविवार को हुई मुलाकात में कहा कि सरकार के प्रयासों के सफल होने के कारण आज वह खुद को सबसे ज्यादा खुश मानते हैं।
उन्होंने पूर्व नक्सलियों से कहा, ‘‘मैं आज सबसे ज्यादा खुश हूं, आपसे या आपके परिवार से भी ज्यादा, क्योंकि आपको आत्मसमर्पण करने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए मनाने के हमारे श्रमसाध्य प्रयास सफल हुए हैं।’’
शाह ने कहा कि यहां आयोजित कार्यक्रम में छह राज्यों-छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और असम के आत्मसमर्पण करने वाले लगभग 30 नक्सली और विद्रोही शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भले ही यह छोटा कार्यक्रम हो सकता है, लेकिन बहुत महत्वपूर्ण है।
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे बहुत संतुष्टि हो रही है कि देश के युवा हमारी अपील का जवाब दे रहे हैं, हिंसा की निरर्थकता को समझ रहे हैं और आत्मसमर्पण कर रहे हैं।’’
शाह ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2019 में उन्हें गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी तो उन्होंने सोचा कि जो लोग सशस्त्र आंदोलनों में शामिल हैं, उन्हें हथियार डालने, आत्मसमर्पण करने और शांतिपूर्ण जीवन जीने का मौका दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पहल के बाद, पूर्वोत्तर में 20 शांति समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए और 9,000 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया।’’
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों और नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीतियां बनाई हैं, जिनमें हिंसा में घायल होने वाले भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मोदी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए 15,000 घरों को मंजूरी दी, जबकि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ऐसे परिवारों के लिए कम से कम एक गाय या भैंस उपलब्ध कराएगा ताकि वे हर महीने 15,000 रुपये से 20,000 रुपये कमा सकें।
शाह ने कहा, ‘‘आप सभी को अपने पूर्व सहयोगियों को यह संदेश देना चाहिए कि हिंसा आगे बढ़ने का रास्ता नहीं है। सभी नक्सलियों को आगे आना चाहिए और आत्मसमर्पण करना चाहिए। सरकार उनकी जरूरतों का ध्यान रखेगी।’’
उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों से यह भी कहा कि वे केंद्रीय गृह सचिव को एक साधारण पोस्ट कार्ड भेजें और उनकी समस्याओं का ध्यान रखा जाएगा।
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार 2036 में अहमदाबाद में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की तैयारी कर रही है और 2025 की शुरुआत में लगभग 35,000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि भारत अधिक से अधिक पदक जीत सके।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि 2036 के ओलंपिक में बस्तर से कोई कम से कम एक पदक जीते।’’
शाह के साथ बातचीत में पूर्व नक्सलियों ने बताया कि वे पुलिस और निजी क्षेत्र में नौकरियों तथा अपना उद्यम शुरू करने के लिए बैंक ऋण सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं से किस तरह लाभान्वित हो रहे हैं।
भाषा नेत्रपाल