भारतीय फिल्म निर्माता इजराइल में रचनात्मक सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं
सुरभि नरेश
- 06 Dec 2024, 12:43 PM
- Updated: 12:43 PM
(हरिंदर मिश्रा)
यरुशलम, छह दिसंबर (भाषा) प्रमुख भारतीय फिल्म निर्माताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने इजराइल के मनोरंजन उद्योग के विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया तथा दोनों देशों के सहयोग से बनने वाली परियोजनाओं और रचनात्मक क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं में एक-दूसरे की क्षमताओं के उपयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (पीजीआई) के अध्यक्ष नितिन तेज आहूजा, फिल्म निर्माता, अभिनेता एवं राहुल मित्रा फिल्म्स एंड ब्रांडस्मिथ मोशन पिक्चर्स के संस्थापक राहुल मित्रा, ढिशूम सिनेमा के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) और सह-संस्थापक तुषार ढींगरा, ‘आरआरआर’ पर अपने काम के लिए प्रसिद्ध ‘वीएफएक्स’ विशेषज्ञ नवीन डैनियल इसाक और भारत के मनोरंजन उद्योग में परियोजना प्रबंधक जिगर ढींगरा शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच इस महीने इजराइल में छह दिन बिताए।
यात्रा संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने पूरे देश की यात्रा की और मनोरंजन उद्योग के बारे में जानकारी प्राप्त की, विभिन्न परिदृश्यों का अवलोकन किया तथा स्थानीय संस्कृति और इतिहास से रूबरू हुए।
मित्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इजराइल और भारत गहरी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक समानताएं साझा करते हैं। इजराइल की रचनात्मक एवं मनोरंजन सामग्री को भारत और दुनिया भर में पसंद किया जाता है। सिनेमा में लोगों को जोड़ने की असाधारण क्षमता है और भारतीय फिल्म उद्योग दुनिया को आकर्षित करने के लिए तैयार है। हम लगातार नए स्थानों और नयी कहानियों की तलाश में रहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इजराइल की यात्रा पर आकर बहुत खुश हूं तथा फिल्म सह-निर्माण, ब्रांडिंग एवं कला से संबंधित अन्य क्षेत्रों में तालमेल और साझेदारी की संभावनाएं तलाश रहा हूं।’’
इजराइल के एक अधिकारी ने कहा कि यह यात्रा इजराइल के विदेश मंत्रालय और प्रवासी मामलों के मंत्रालय के समर्थन और वित्त पोषण के साथ-साथ मुंबई स्थित इजराइली वाणिज्य दूतावास और नयी दिल्ली स्थित दूतावास से संभव हो पाई, जो ‘‘कठिन परिस्थितियों में सांस्कृतिक कूटनीति के लचीलेपन को दर्शाता है।’’
इजराइल के विदेश मंत्रालय और प्रवासी मामलों के मंत्रालय द्वारा एक सम्मेलन भी आयोजित किया गया, जहां प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त परियोजनाओं पर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अग्रणी इजराइली निर्माण कंपनियों के साथ बातचीत की।
इजराइल स्थित भारतीय दूतावास में वरिष्ठ राजनयिक गरिका तेजेश्वर ने भी एक सत्र में भाग लिया और इजराइल-भारतीय सहयोग के लाभ पर प्रकाश डाला, जिसमें भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रोत्साहनों का लाभ उठाने की संभावनाएं, देश भर में विशिष्ट स्थानों द्वारा उपलब्ध कराए गए व्यापक शूटिंग विकल्प, आसानी से उपलब्ध अनुकूल माहौल और सफल सह-निर्माण शामिल थे।
अपने प्रस्तुतीकरण में इजराइल के निर्माता एलाड पेलेग ने देश के विविध फिल्मांकन स्थानों पर ध्यान केंद्रित किया, इसकी सघन भौगोलिक स्थिति पर जोर दिया जो माउंट हरमन की बर्फीली चोटियों से लेकर दक्षिणी रेगिस्तान तक विविध परिदृश्य प्रस्तुत करती है। ये सभी स्थान बेहद कम दूरी के भीतर स्थित हैं।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने साझेदारी की संभावनाओं को तलाशने के लिए कई इजराइली प्रोडक्शन कंपनियों, प्रसारकों से मुलाकात की।
उन्होंने ‘फौदा’ के अभिनेता त्साही हलेवी से भी मुलाकात की, जो वर्तमान में एक प्रमुख इजराइली-भारतीय सह-निर्माण वाली फिल्म में काम करने वाले हैं। त्साही ने नुसरत भरुचा अभिनीत हिंदी फिल्म ‘अकेली’ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
भाषा सुरभि