मुइज्जू की यात्रा से भारत-मालदीव संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में मिलेगी मदद: विदेश सचिव
अमित माधव
- 07 Oct 2024, 10:24 PM
- Updated: 10:24 PM
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर (भाषा) भारत ने सोमवार को कहा कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की जारी यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों की ‘‘मजबूती प्रदान करना और उसे और व्यापक बनाना’’ तथा इसके परिणाम भारत-मालदीव संबंधों को ‘‘नयी ऊंचाइयों’’ पर ले जाने में सक्षम बनाएंगे।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने यहां एक प्रेसवार्ता में यात्रा की रूपरेखा साझा की और यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अगले वर्ष मालदीव की यात्रा के लिए राष्ट्रपति मुइज्जू का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और कहा कि इसका कार्यक्रम राजनयिक माध्यमों से तय किया जाएगा।
मिस्री ने संवाददाताओं को बताया कि मालदीव के राष्ट्रपति के साथ बड़ी संख्या में कैबिनेट मंत्री और एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है।
मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू अपनी पत्नी साजिदा मोहम्मद और मालदीव के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ रविवार को भारत पहुंचे। सोमवार को उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता की।
मालदीव के राष्ट्रपति ने हालांकि जून में प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लिया था, लेकिन यह उनकी भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा है और वे संबंधों में सुधार करना चाहते हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या यह यात्रा यह दर्शाती है कि पिछले साल के मुद्दों के बाद दोनों देशों के बीच संबंध अब घनिष्ठ हो गए हैं, विदेश सचिव ने कहा, ‘‘... याराना जारी रहेगा।’’
मिस्री ने कहा कि मालदीव हमेशा से भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह संबंध ऐतिहासिक है, यह दोनों देशों के लोगों के बीच बहुत करीबी संबंधों, व्यापार और आर्थिक संबंधों और बहुत ही ठोस विकास साझेदारी द्वारा समर्थित है।’’
वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि भारत मालदीव में किसी भी संकट की स्थिति में ‘‘सबसे पहले मदद पहुंचाने वाला’’ रहा है, चाहे वह 1988 में तख्तापलट का प्रयास हो, 2004 में सुनामी आपदा हो, 2014 में माले जल संकट हो या कोविड-19 महामारी हो।
भारत ने द्वीपसमूह राष्ट्र में छोटी और बड़ी परियोजनाओं के विकास में योगदान दिया है।
विदेश मंत्रालय ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद कहा कि मोदी और मुइज्जू ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और मुद्रा अदला-बदली समझौते पर सहमति जतायी। इसके तहत भारत, मालदीव को 40 करोड़ डॉलर की सहायता देगा। साथ ही 3,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगा।
नेताओं ने मालदीव को उसकी वित्तीय चुनौतियों से निपटने में सहायता करने के लिए आगे के उपायों को लागू करने पर भी सहमति व्यक्त की, जिसमें उनके संबंधों पर एक दृष्टि दस्तावेज भी शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सोमवार को मालदीव में रूपे कार्ड भी शुरू किया, हनीमाधू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक नये रनवे का डिजिटल तरीके से उद्घाटन किया और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति जतायी।
मिस्री ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वित्तीय सहायता मालदीव के "अनुरोध और प्राथमिकताओं के आधार पर" आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए है। उन्होंने कहा, ‘‘इस मौजूदा यात्रा का उद्देश्य संबंधों की इस मजबूत और व्यापक नींव को मजबूत करना और जुड़ाव के लिए नये क्षेत्र तैयार करना है।’’
विदेश सचिव ने कहा कि क्षेत्र और दुनिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है और ‘‘इन नयी चुनौतियों से निपटने के लिए हमारे पड़ोसियों के साथ साझेदारी को फिर से परिभाषित करना और नवीनीकृत करना महत्वपूर्ण हो जाता है।’’
विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि नेताओं ने स्वीकार किया कि यह दोनों पक्षों के लिए ‘‘सहयोग के लिए एक नयी रूपरेखा तैयार करने’’ का एक उपयुक्त समय है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रूप से एक व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी में बदलना है, जो लोगों पर केंद्रित, भविष्योन्मुखी है और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता के एक आधार के रूप में कार्य करेगा।
मिस्री ने कहा कि यह दृष्टि दस्तावेज पिछले कई वर्षों में तैयार किए गए संबंधों का खाका है और जारी यात्रा के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है। यह दस्तावेज भारत को विकास उद्देश्यों, जैसा कि विकसित भारत 2047 योजना में निर्धारित किया गया है और मालदीव की 2040 तक विकसित देश बनने की उसकी योजना और कार्रवाई के लिए उद्देश्यों को भी साथ लाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘कुल मिलाकर, इस यात्रा के परिणाम और जुड़ाव भारत-मालदीव संबंधों को आने वाले वर्षों में नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम बनाएंगे और आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में उभरने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए इसे और अधिक उपयुक्त बनाएंगे।’’
मिस्री ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मुइज्जू के लिए दोपहर का भोज आयोजित किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शाम को राष्ट्रपति भवन में उनके लिए राजकीय भोज का आयोजन करेंगी।
उन्होंने कहा कि मोदी और मुइज्जू ने ‘‘प्रतिबंधित और प्रतिनिधिमंडल स्तर दोनों ही प्रारूपों में व्यापक चर्चा की।’’
विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार द्वारा मालदीव के तटरक्षक जहाज हुरावी की मरम्मत की भी घोषणा की। योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह एक गश्ती जहाज है जिसे कुछ साल पहले मालदीव ने भारत को उपहार में दिया था और सुधार के अधीन इसे मरम्मत के लिए भारत लाया जाएगा।
मिस्री ने कहा कि आज की चर्चा मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों और इसके विस्तार के साथ-साथ कुछ क्षेत्रीय मुद्दों पर केंद्रित थी।
रक्षा संबंधों से संबंधित प्रश्नों पर उन्होंने कहा, ‘‘एक मुद्दे को छोड़कर जिस पर पहले चर्चा और बहस हो चुकी है, भारत और मालदीव के बीच सहयोग के संबंध में कोई मुद्दा नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान रक्षा और सुरक्षा संबंधों पर दोनों नेताओं के बीच ‘‘महत्वपूर्ण और सारगर्भित’’ चर्चा हुई। मिस्री ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा साझेदारी के महत्व पर जोर दिया।’’
मिस्री ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों की मंशा इस रिश्ते को मजबूत करने और इसे आगे बढ़ाने की है।’’
द्विपक्षीय विदेशी व्यापार समझौते की शुरुआत के बारे में घोषणा पर उन्होंने कहा, ‘‘दोनों दल आगे बढ़ने के लिए संपर्क करेंगे।’’
अड्डू शहर में एक भारतीय वाणिज्य दूतावास और बेंगलुरु में मालदीव का एक वाणिज्य दूतावास खोलने की इच्छा पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीमें इसे आगे बढ़ाने के लिए संपर्क करेंगी।’’
भाषा अमित