केरल में कांग्रेस, भाकपा ने त्रिशूर पूरम उत्सव में व्यवधान को लेकर एडीजीपी रिपोर्ट की निंदा की
देवेंद्र प्रशांत
- 22 Sep 2024, 05:52 PM
- Updated: 05:52 PM
त्रिशूर (केरल), 22 सितंबर (भाषा) विपक्षी दल कांग्रेस और सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के सहयोगी भाकपा ने रविवार को एडीजीपी एम. आर. अजित कुमार द्वारा दायर उस कथित रिपोर्ट की आलोचना की जिसमें दावा किया गया है कि प्रतिष्ठित त्रिशूर पूरम 2024 उत्सव में व्यवधान डालने में कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी), कानून-व्यवस्था अजित कुमार ने त्योहार में व्यवधान को लेकर जांच रिपोर्ट सौंपी है।
कुमार पर पहले सत्तारूढ़ वाम समर्थित विधायक पी.वी. अनवर ने पूरम उत्सव को बाधित करने के लिए साजिशकर्ता होने का आरोप लगाया था।
बीती 19 मई को आयोजित त्रिशूर पूरम में व्यवधान उत्पन्न किया गया और सरकार ने तत्कालीन नगर पुलिस आयुक्त तथा सहायक आयुक्त के विरुद्ध कार्रवाई की थी।
मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस प्रमुख को पूरम में व्यवधान के संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।
ऐसा बताया जा रहा है कि एडीजीपी ने डीजीपी के समक्ष सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट पेश की।
खबरों के अनुसार अजित कुमार ने रिपोर्ट दायर की थी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि इसमें कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं था।
कांग्रेस ने इस कथित रिपोर्ट की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पूरम को बाधित करने के लिए साजिशकर्ता ने स्वयं ही इस संबंध में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने कहा कि यह रिपोर्ट एक दिखावा है।
सतीशन ने एक बयान में कहा, ‘‘पूरम में व्यवधान डालने के आरोपी एडीजीपी ने रिपोर्ट दाखिल कर दी है। मुख्यमंत्री ने डीजीपी से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था। लेकिन चार महीने हो गए हैं और ऐसी खबरें आ रही हैं कि कोई जांच नहीं हो रही है। अब आरोपी ने जांच रिपोर्ट पेश की है और यह एक दिखावा है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरम में व्यवधान डालने के लिए हुई साजिश को छिपाने की कोशिश कर रही है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री वी एस सुनील कुमार ने कहा कि बाहरी हस्तक्षेप के कारण पूरम में व्यवधान उत्पन्न हुआ।
कुमार ने कहा, ‘‘मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि त्रिशूर पूरम में व्यवधान बाहरी हस्तक्षेप के कारण हुआ और इसके पीछे कोई साजिश थी। मुझे नहीं पता कि रिपोर्ट में क्या कहा गया है।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने कहा कि उनकी पार्टी अजित कुमार की रिपोर्ट पर भरोसा नहीं करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम अजित कुमार की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं कर सकते। इसलिए हम इस मामले की न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।’’
हाल में एक आरटीआई के जवाब में दावा किया गया था कि त्रिशूर पूरम में व्यवधान की कोई जांच नहीं की गई।
हालांकि, आरटीआई का जवाब देने वाले संबंधित अधिकारी को बाद में जांच लंबित रहने तक निलंबित कर दिया गया था और मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया था कि गलत जानकारी देने के लिए कार्रवाई की गई थी।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को कहा था कि 24 सितंबर तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
भाषा देवेंद्र