सैलजा ने आप से गठबंधन की संभावना नकारी, बोलीं: अपने दम पर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
हक माधव
- 24 Aug 2024, 06:57 PM
- Updated: 06:57 PM
नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) के साथ गठबंधन की संभावना को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी खुद में मजबूत है तथा अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने ‘पीटीआई’ के विशेष कार्यक्रम ‘@4पार्लियामेंट स्ट्रीट’ में समाचार एजेंसी के संपादकों के साथ बातचीत में यह दावा भी किया कि इस चुनाव में इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन और जननायक जनता पार्टी (जजपा) से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा तथा मुख्य विपक्षी दल पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगा।
हरियाणा में सभी 90 विधानसभा सीट के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा। मतगणना चार अक्टूबर को होगी।
इस चुनाव में ‘आप’ के साथ गठबंधन की संभावना के बारे में पूछे जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सैलजा ने कहा, ‘‘हम (इंडिया गठबंधन में) साझेदार हैं, लेकिन यह तय किया गया था कि राज्य के स्तर पर (गठबंधन) फैसला होगा। पहले आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह विधानसभा चुनाव में गठबंधन नहीं करेंगे।’’
उनका कहना था, ‘‘मेरा मानना है कि कांग्रेस खुद में मजबूत है और वह अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।’’
पिछले 13 अगस्त को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था कि राज्य के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के बारे में कोई चर्चा नहीं है तथा कांग्रेस खुद में सक्षम है।
इससे पहले, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी गत चार जुलाई को कहा था कि दिल्ली और हरियाणा के विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन की बहुत गुंजाइश नहीं है। हालांकि, महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनावों में विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन बरकरार रहेगा।
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक हैं। लोकसभा चुनाव में दोनों दलों ने दिल्ली एवं हरियाणा में मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन पंजाब में दोनों अलग-अलग मैदान में उतरे थे।
सैलजा ने इस बार विधानसभा में खंडित जनादेश की संभावना को भी खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का पूरे हरियाणा में बहुत ज्यादा आधार नहीं रहा…प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आने के बाद उन्होंने सरकार बनाई। उन्होंने किसी तरह से सरकार बनाई। उन्हें विधानसभा चुनाव में एक बार 46 सीटें मिलीं और दूसरी बार 40 सीट हासिल हुईं। वो किसी तरह से सरकार बनाने में सफल रहे। पिछले 10 वर्षों में जमीन पर भाजपा का काम नहीं दिखा। उनके राजनीतिक नेतृत्व और जनता के बीच जुड़ाव नहीं था।’’
सैलजा ने कहा, ‘‘हम इस बार पूर्ण बहुमत हासिल करेंगे।’’
इनेलो-बसपा गठबंधन तथा जजपा के असर के बारे में पूछे जाने पर सैलजा ने कहा, ‘‘जजपा अपनी जमीन खो चुकी है। वह टूट चुकी है। पिछली बार उनके जो विधायक जीते थे वो कांग्रेस के लोग ही थे। उनके लिए मौका नहीं देखती हूं। लोकसभा चुनाव में इनेलो का प्रदर्शन भी नगण्य था। बसपा भी अपना आधार बहुत खो चुकी है। जब परिणाम आएगा तो पता चलेगा कि इस गठबंधन का कोई असर नहीं था।’’
इस सवाल पर कि क्या कांग्रेस चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगी तो कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘हमारी पार्टी का एक तरीका है। ज्यादातर मामलों में हमारी पार्टी मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करती है। जब पार्टी विपक्ष में होती है तो आमतौर पर मुख्यमंत्री का चेहरा नहीं होता है।’’
उन्होंने लेटरल एंट्री के मुद्दे के बारे में कहा कि आरक्षण को शामिल करने के लिए पूरी नीति पर पुनर्विचार की जरूरत है।
हरियाणा में चुनावी मुद्दों के बारे में बात करते हुए सैलजा ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और "अग्निपथ" सैन्य भर्ती योजना को वापस लेना राज्य में जनता की प्रमुख मांगें हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी सुनिश्चित करेगी और अग्निपथ योजना को वापस लेने की भी मांग कर रही है क्योंकि यह शहीदों के बीच भी भेदभाव करती है।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी हरियाणा में सबसे बड़े मुद्दों में से एक है।
उनका यह भी कहना था कि हरियाणा में भ्रष्टाचार एक बड़ा मुद्दा है।
सैलजा ने चुनाव के बाद विधायकों के पाला बदलने की आशंका से भी इनकार किया और कहा कि लोग इस बार कांग्रेस को चुन रहे हैं।
महिला पहलवान विनेश फोगाट को चुनाव में उतारे जाने की चर्चा पर सैलजा ने कहा कि वह इस समय इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकतीं।
उन्होंने कहा, "विनेश के साथ जो हुआ उससे मैं बहुत दुखी हूं।(वह ओलंपिक पदक जीतने के) बहुत करीब थी और बहुत सारे अनुत्तरित प्रश्न हैं -? यह कैसे हुआ, क्या हुआ? आप उस लड़की को दोष नहीं दे सकते। जिन आहार विशेषज्ञों को निगरानी रखनी थी, वे क्या कर रहे थे? इन सवालों का जवाब नहीं दिया जा रहा है।"
फोगाट ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं, लेकिन 50 किलोग्राम वर्ग स्पर्धा में 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
खाप पंचायतों के बारे में पूछे जाने पर सैलजा ने कहा, " खाप पंचायतें खराब नहीं हैं। ये सामाजिक समूह हैं। कभी-कभी एक छोटी सी बात को तूल दे दिया जाता है लेकिन कई बार और ज्यादातर समय, वे बैठते हैं और सामाजिक समस्याओं का समाधान करते हैं।"
उन्होंने कहा कि खाप पंचायत कोई बुरी बात नहीं है क्योंकि यह समाज में भाईचारे को भी बढ़ावा देती है।
भाषा हक