मप्र: किसान ने ‘जमीन हड़पने’ के विरोध में सरकारी कार्यालय में जमीन पर लोट लगाई
सं दिमो सिम्मी
- 17 Jul 2024, 09:30 PM
- Updated: 09:30 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
मंदसौर (मप्र), 17 जुलाई (भाषा) मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक किसान ने जमीन हड़पने की उसकी शिकायत पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय में जमीन पर लोट लगाई।
बहरहाल, अधिकारियों ने इस आरोप से इनकार किया है।
सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए एक वीडियो में बुजुर्ग किसान शंकरलाल को मंदसौर जिलाधिकारी कार्यालय में जमीन पर लोटते हुए देखा जा सकता है। शंकर का दावा है कि कोई उनकी शिकायत नहीं सुन रहा।
किसान ने आरोप लगाया कि भू-माफिया ने अधिकारियों की मिलीभगत से उनकी जमीन को धोखाधड़ी से हड़प लिया है।
शंकरलाल ने वीडियो में कहा कि मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान जब किसी ने उनकी शिकायत नहीं सुनी, तो उन्होंने विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय में जमीन पर लोटने का फैसला किया।
मंदसौर के जिलाधिकारी दिलीप यादव ने बुधवार को आरोपों को खारिज कर दिया।
उन्होंने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘मौके से मिली जानकारी के अनुसार, किसी भी व्यक्ति/भू-माफिया ने संबंधित भूमि पर कब्जा नहीं किया है।’’
यादव ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान शंकरलाल की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) और तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें पाया गया कि शंकरलाल और उनके परिवार के सदस्यों के पास संयुक्त रूप से 3.52 हेक्टेयर भूमि है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि संयुक्त मालिकों में से एक, संपत बाई ने 2010 में अपनी भूमि का हिस्सा अश्विन देशमुख नाम के व्यक्ति को बेच दिया लेकिन खरीदार ने अभी तक उस पर कब्जा नहीं किया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इसके विपरीत, यह पाया गया कि शंकरलाल ने न केवल अपनी भूमि पर कब्जा किया है बल्कि वह संपत बाई के स्वामित्व वाले हिस्से पर भी कब्जा किए हुए है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सीतामऊ के एसडीएम के अनुसार, किसी भी व्यक्ति या भू-माफिया ने संबंधित भूमि पर कब्जा नहीं किया है।
उन्होंने विज्ञप्ति में कहा कि यदि प्रशासन को उक्त भूमि पर अवैध कब्जे की कोई शिकायत मिलती है, तो वह कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करेगा।
मंदसौर जिलाधिकारी कार्यालय में शंकरलाल के फर्श पर लोटने की घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे अत्यंत निंदनीय बताया और मामले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने एवं किसान को न्याय दिलाने की मांग की।
भाषा सं दिमो