दिल्ली: नरेला में अवैध दवा निर्माण गिरोह का भंडाफोड़; नकली दवाएं जब्त
पारुल
- 28 Jul 2026, 11:14 PM
- Updated: 11:14 PM
नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) दिल्ली औषधि नियंत्रण विभाग, हरियाणा खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) और दिल्ली पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में बाहरी दिल्ली के नरेला स्थित एक आवासीय अपार्टमेंट से संचालित अवैध दवा निर्माण और भंडारण गिरोह का भंडाफोड़ कर संदिग्ध नकली दवाएं, एनाबॉलिक स्टेरॉयड, कच्चा माल और निर्माण उपकरण जब्त किए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
दिल्ली सरकार की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, परिसर से संदिग्ध नकली दवाओं की आवाजाही के संबंध में मिली सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर दो दिवसीय अभियान चलाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के पहले दिन अपार्टमेंट के अंदर बिना लाइसेंस वाली विनिर्माण और पैकेजिंग इकाई का पता चला।
बयान के मुताबिक, बिना लेबल वाली हजारों गोलियां (जिनके टोफेसिटिनिब होने का संदेह है), बोल्डेनोन, मास्टरोन और टेस्टोस्टेरोन वेरिएंट सहित एनाबॉलिक स्टेरॉयड की शीशियां और दवा तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक घोल भी जब्त किए गए।
निरीक्षण के दौरान फ्लैट में रहने वाले व्यक्ति ने अधिकारियों को बताया कि परिसर को एलोपैथिक दवाओं के भंडारण और पैकेजिंग के लिए किराये पर लिया गया था।
उसने दावा किया कि यह काम हरियाणा के सोनीपत में एक निर्माण इकाई से जुड़े एक अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि कोई भी दवा लाइसेंस, खरीद रिकॉर्ड या स्टॉक रजिस्टर पेश नहीं किया जा सका।
ताजा खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम अगले दिन फिर से अपार्टमेंट परिसर पहुंची और सार्वजनिक उपयोग वाले क्षेत्रों की तलाशी ली। इस दौरान कई मंजिलों पर छिपाकर रखी गई अतिरिक्त खेप बरामद हुई।
बयान के मुताबिक, बरामद सामग्री में प्रोजेस्टेरोन, ऑक्सैंड्रोलोन, मेस्टेरोलोन और ट्रेंबोलोन एनैंथेट जैसे स्टेरॉयड हार्मोन पाउडर, 'मेड इन जर्मनी' अंकित 1,500 से अधिक स्टेरॉयड इंजेक्शन की शीशियां, 5,000 से अधिक खुली गोलियां, 5,000 से अधिक खाली कांच और एम्बर शीशियां, लगभग 2,500 पैकेजिंग बक्से, हजारों फ्लिप-ऑफ कैप और कथित अवैध गतिविधि से जुड़े कई दस्तावेज शामिल हैं।
सामग्री को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत जब्त कर लिया गया है और नमूनों को विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
बयान में कहा गया है कि प्राथमिक निष्कर्षों से प्रथम दृष्टया वैध लाइसेंस के बिना दवाओं के निर्माण, भंडारण और वितरण से संबंधित अपराध का संकेत मिलता है।
स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने नकली दवाओं के जरिये जनस्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों के खिलाफ कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनाई है।
उन्होंने कहा, "नकली दवाएं सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा हैं और उनके निर्माण या वितरण में शामिल लोगों को कानून के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।"
उन्होंने कहा कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने, जब्त उत्पादों के स्रोत और वितरण शृंखला का पता लगाने और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जांच जारी है।
भाषा
नोमान नोमान पारुल
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