मप्र: सौ प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे किसान, मुख्यमंत्री आवास घेरने की घोषणा
जितेंद्र
- 28 Jul 2026, 08:40 PM
- Updated: 08:40 PM
भोपाल, 28 जुलाई (भाषा) न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद समेत विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम से निकली किसानों की पदयात्रा मंगलवार को भोपाल पहुंच गई।
मुख्यमंत्री आवास घेरने की घोषणा कर आगे बढ़ रहे सैकड़ों किसानों को होशंगाबाद रोड स्थित वीर सावरकर सेतु के पहले रोक लिया गया।
मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में अवरोधक लगाए गए हैं और इसके अलावा अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान में निकली यह पदयात्रा सोमवार देर शाम सीहोर जिले के बुधनी पहुंची थी और मंगलवार को भोपाल पहुंची।
किसान हाथों में तिरंगा लेकर 'जय जवान, जय किसान' और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
किसानों की प्रमुख मांगों में एमएसपी पर शत-प्रतिशत मूंग खरीद, ई-टोकन व्यवस्था की समस्याओं का समाधान और समय पर व उचित मूल्य पर खाद की उपलब्धता शामिल है।
किसानों ने नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर धरना प्रदर्शन और हनुमान चालीसा पाठ के बाद पदयात्रा शुरू की थी।
इसके बाद पुलिस ने भोपाल तिराहे समेत कई स्थानों पर बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
पुलिस ने बुधनी से भोपाल के रास्ते में भी किसानों को कई जगह रोकने की कोशिश की, लेकिन वे अवरोधकों को पार करते हुए आगे बढ़ते रहे।
किसानों के साथ चल रहे कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पानी और भोजन की व्यवस्था की गई है।
एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पांच दिन के भोजन और पानी की व्यवस्था है तथा मांगें पूरी होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि सरकार की उदासीनता के कारण राज्य के मूंग उत्पादक किसान परेशान हैं।
उन्होंने मूंग खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने का आग्रह किया।
कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सबसे बड़ा मूंग उत्पादक राज्य है और केंद्र सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए राज्य से 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीद का लक्ष्य तय किया है।
उन्होंने दावा किया कि 16 जुलाई तक इस लक्ष्य का केवल दो प्रतिशत ही खरीदा गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इसके कारण किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और सरकार को तत्काल खरीद प्रक्रिया तेज करनी चाहिए।
भाषा ब्रजेन्द्र
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