वर्ष 2024 में पशु क्रूरता के 9,000 से अधिक मामले; महाराष्ट्र में हुईं सर्वाधिक घटनाएं : एनसीआरबी
अविनाश
- 08 May 2026, 08:58 PM
- Updated: 08:58 PM
(मोहित सैनी)
नयी दिल्ली, आठ मई (भाषा) राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने पहली बार अपने वार्षिक डेटाबेस 'क्राइम इन इंडिया 2024' में पशुओं के प्रति अपराध और क्रूरता के मामलों को शामिल किया है, जिसमें देशभर में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कुल 9,039 मामले दर्ज किए गए हैं।
ये आंकड़े पशु अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा इस संबंध में लगातार की जा रही मांगों के बीच आए हैं, जो लंबे समय से कहते रहे हैं कि जानवरों द्वारा मनुष्यों पर किए जाने वाले हमलों का दस्तावेजीकरण किया गया है, लेकिन जानवरों के प्रति क्रूरता को दर्शाने वाला कोई आधिकारिक राष्ट्रव्यापी डेटाबेस नहीं है।
एनसीआरबी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र में 2024 में ऐसे मामलों की संख्या सबसे अधिक 2,927 दर्ज की गई।
केंद्र शासित प्रदेशों में, जम्मू कश्मीर में सबसे अधिक 223 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद दिल्ली में 35 मामले दर्ज किए गए।
राज्यवार आंकड़ों के अनुसार, तेलंगाना में इस अधिनियम के तहत 1,890 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद केरल में 1,510 मामले और उत्तर प्रदेश में 1,121, कर्नाटक में 320, तमिलनाडु में 259 और गुजरात में 181 मामले दर्ज किए गए।
कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस कानून के तहत या तो बहुत कम या कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
एनसीआरबी के अनुसार, 2024 में अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया।
आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए, पशु अधिकार कार्यकर्ता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने एनसीआरबी द्वारा पशु क्रूरता के मामलों को अपनी वार्षिक अपराध रिपोर्ट में शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि यह एक ऐसे मुद्दे की महत्वपूर्ण पहचान है जिसे लंबे समय से नजरअंदाज किया गया।
गांधी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''औसतन प्रतिदिन 9,000 से 10,000 मामले सामने आएंगे। और यह किसी भी अन्य प्रकार के मामलों से कहीं अधिक है।''
उन्होंने कहा, ''एक बार जब पुलिस को इस अपराध की गंभीरता का पता चल जाएगा, तो मुझे उम्मीद है कि वह इस पर अधिक ध्यान देगी।''
गांधी ने यह भी कहा कि जानवरों के प्रति क्रूरता अक्सर मनुष्यों के खिलाफ हिंसक व्यवहार से जुड़ी होती है।
उन्होंने कहा, ''सरकार को यह समझने की जरूरत है कि जो लोग जानवरों के प्रति क्रूर होते हैं, वे मनुष्यों के प्रति भी क्रूर होंगे।''
गांधी ने कहा कि अमेरिका में एफबीआई ने पशु क्रूरता को गंभीर अपराधों में से एक माना है जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ''सर्वेक्षणों से पता चला है कि दुनिया भर में हत्या, डकैती, आगजनी और लूटपाट जैसे जघन्य अपराधों के लिए जेल में बंद कोई भी व्यक्ति अपने जीवन की शुरुआत जानवरों पर हमला करके करता है।''
कुत्तों को खाना खिलाने वाली और पशु अधिकार कार्यकर्ता रश्मि शर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा कि एनसीआरबी की रिपोर्ट में इस तरह के आंकड़ों को शामिल करना ''स्वागतयोग्य कदम'' है।
शर्मा ने कहा, ''पशुओं के साथ क्रूरता के मामलों को अपराध के रूप में मान्यता देने से यह जागरूकता बढ़ेगी कि ऐसे कृत्य अस्वीकार्य हैं और कानून द्वारा दंडनीय हैं।''
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