सतीशन के समर्थक केरल में रैलियां निकाल रहे, कांग्रेस नेतृत्व ने चेतावनी जारी की
अविनाश
- 08 May 2026, 09:45 PM
- Updated: 09:45 PM
तिरुवनंतपुरम, आठ मई (भाषा) केरल में वीडी सतीशन के समर्थकों ने उन्हें अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग को लेकर राज्य भर में प्रदर्शन किए और के सी वेणुगोपाल के पोस्टर कथित तौर पर फाड़ दिए, जिसके बाद कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ा।
वेणुगोपाल को भी मुख्यमंत्री पद की दौड़ में अहम चेहरा माना जा रहा है।
तिरुवनंतपुरम के पलायम में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए, जिनके हाथों में सतीशन के समर्थन में पोस्टर और तख्तियां थीं।
समर्थकों ने नारे लगाते हुए मांग की कि पार्टी नेतृत्व उन्हें (सतीशन) मुख्यमंत्री नियुक्त करे। उनमें से कुछ लोगों ने राज्य सचिवालय के सामने सांसद के.सी. वेणुगोपाल के समर्थन में लगाए गए पोस्टर फाड़ दिए।
मलप्पुरम में भी इसी तरह का प्रदर्शन हुआ, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे लेकर "धर्मनिरपेक्ष केरल वी.डी. सतीशन के साथ है" लिखे बैनर प्रदर्शित किए।
त्रिशूर में एक और बड़ी रैली आयोजित की गई। रैली में समर्थकों के हाथों में बैनर थे, जिस पर लिखा था, "जिसने लड़ाई का नेतृत्व किया, वही राज्य का नेतृत्व करे"।
कोझिकोड जिले और कासरगोड के विभिन्न हिस्सों में भी छोटी-छोटी रैलियां आयोजित की गईं।
केरल भर में हुई रैलियों के बाद, सतीशन और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किसी भी नेता के समर्थन में प्रदर्शन करने और पोस्टर लगाने से परहेज करने का निर्देश दिया।
सतीशन ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने विधानसभा चुनावों में 102 सीटें जीतकर केरल में गठबंधन के इतिहास की सबसे बड़ी जीत हासिल की है।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा हो चुका है और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) अब दूसरे चरण की ओर बढ़ रही है।"
सतीशन ने कहा कि यह पार्टी और गठबंधन के लिए खुशी और गर्व का क्षण है।
उन्होंने कहा, "ऐसे समय में नेताओं या कार्यकर्ताओं की ओर से ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए जिससे पार्टी या गठबंधन को कठिनाई हो।"
उन्होंने कांग्रेस और यूडीएफ कार्यकर्ताओं से नेताओं के समर्थन में सामूहिक प्रदर्शन आयोजित करने और फ्लेक्स बोर्ड लगाने से परहेज करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा, "मैं कांग्रेस और यूडीएफ कार्यकर्ताओं से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि वे ऐसी गतिविधियों से दूर रहें।"
इस बीच, इडुक्की के सांसद डीन कुरियाकोस ने सतीशन के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके पदों से हटाने के इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी के फैसले की निंदा की।
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रदर्शन स्वाभाविक थे, क्योंकि पार्टी कार्यकर्ताओं के पास अपना समर्थन व्यक्त करने का कोई और मंच नहीं था।
उन्होंने कहा, "कांग्रेस कोई कैडर आधारित पार्टी नहीं है जो समर्थकों से अत्यधिक अनुशासन की अपेक्षा करती हो।"
उन्होंने कहा, "यह उन पार्टी कार्यकर्ताओं का भावनात्मक प्रदर्शन था जिन्होंने इस ऐतिहासिक जीत को हासिल करने के लिए अपना खून-पसीना बहाया था। इस तरह की कार्रवाई अनुचित थी।"
कुरियाकोस ने कहा कि प्रदर्शन करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके पदों से हटाना अनुचित था।
कुरियाकोस ने बताया कि उन्होंने इस मामले पर केपीसीसी अध्यक्ष से बात की थी।
उन्होंने कहा, "केपीसीसी अध्यक्ष ने मुझे आश्वासन दिया कि उन्हें (कार्यकर्ताओं) पार्टी से निलंबित नहीं किया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि जब भावनात्मक प्रदर्शन होते हैं, तो नेताओं को कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझना चाहिए और यदि कोई गलती हो, तो उन्हें विश्वास में लेकर उसे सुधारना चाहिए।
भाषा राखी अविनाश
अविनाश
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