बंगाल: शुभेंदु के करीबी सहयोगी की हत्या में इस्तेमाल दोपहिया वाहन बरामद, एसआईटी उत्तर प्रदेश रवाना
अविनाश
- 08 May 2026, 09:31 PM
- Updated: 09:31 PM
कोलकाता, आठ मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में शुक्रवार को जांचकर्ताओं ने कथित तौर पर इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल बरामद कर ली। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
वहीं, पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई संदिग्ध कार की तलाश तेज कर दी है।
अधिकारी ने ज्यादा जानकारी दिए बिना बताया कि हत्या की जांच के लिए बृहस्पतिवार को राज्य सीआईडी, आईबी और बंगाल एसटीएफ के अधिकारियों को मिलाकर गठित सात सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) मामले में 'तकनीकी और जमीनी स्तर के साक्ष्य जुटाने' के लिए उत्तर प्रदेश रवाना हो गया।
अधिकारी ने बताया कि अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई दूसरी मोटरसाइकिल बारासात में रेल गेट संख्या 11 के पास बरामद की गई, जो उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम से लगभग छह किलोमीटर दूर है।
मध्यमग्राम में ही बुधवार रात शुभेंदु के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
जांचकर्ताओं ने कोलकाता हवाई अड्डे के पास से एक मोटरसाइकिल जब्त की थी।
पुलिस ने हालांकि पाया कि उस दोपहिया वाहन की पंजीकरण संख्या फर्जी थी। अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता अब दूसरी मोटरसाइकिल की नंबर प्लेट और इंजन नंबर की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने बताया, "अपराध में इस्तेमाल किए गए चार पहिया वाहन का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। जांच जारी है और छानबीन की जा रही है।"
पुलिस को संदेह है कि लाल रंग के इस चार पहिया वाहन में अपराध में शामिल सात से आठ लोग सवार हो सकते हैं और यह वाहन राज्य के बाहर का हो सकता है।
पुलिस ने इससे पहले मध्यमग्राम में घटनास्थल के पास एक कार जब्त की थी। उस वाहन की नंबर प्लेट भी फर्जी निकली।
असली नंबर प्लेट सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति की है, जो चाय बागान में काम करता है।
अधिकारी ने बताया, "सिलीगुड़ी के उस व्यक्ति ने एक वेबसाइट पर अपनी कार बेचने का विज्ञापन दिया था। उसने दावा किया था कि उसे उत्तर प्रदेश के एक संभावित खरीदार का फोन आया था। उत्तर प्रदेश से कोई संबंध हो सकता है।" उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में टीम "तकनीकी एवं जमीनी स्तर के सबूत जुटाएगी"।
अधिकारी ने बताया, "पुलिस राज्य के बाहर भी कुछ सुरागों पर काम कर रही है।"
एसआईटी के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि जांच कई पहलुओं पर आगे बढ़ रही है हालांकि हत्या में शामिल लोगों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।
उन्होंने बताया, "एसआईटी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुपारी लेकर हत्या करने वालों को किसने काम पर रखा होगा और क्या इस हत्या के पीछे कोई बड़ी साजिश थी।"
रथ की हत्या के 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''विस्तृत जांच जारी है। जिस तरीके से हमला किया गया, उससे व्यापक 'रेकी' किए जाने और राज्य के बाहर से भाड़े के पेशेवर शूटर की संभावित संलिप्तता का संकेत मिलता है।''
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों के सभी थानों को सतर्क कर दिया गया है।
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ''कई स्थानों पर जांच की जा रही है और जेसोर रोड के आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है।''
अधिकारी ने कहा, ''हमलावरों के भागने के रास्ते से संकेत मिलता है कि वे इलाके से परिचित थे या स्थानीय अपराधियों ने उनकी मदद की होगी। स्थानीय सहायता के बिना गलियों से इतनी जल्दी भागना मुश्किल होता।''
हालांकि, पुलिस अभी तक हत्या का मकसद पता नहीं लगा पाई है।
पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारियों ने कोलकाता के पास मध्यमग्राम और उसके आसपास व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है।
बुधवार रात हत्या के बाद से इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है।
एक अन्य अधिकारी ने कहा, ''अपराध में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल 2012 में आसनसोल के बर्नपुर निवासी एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी। हालांकि, पुलिस ने पाया कि वाहन पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान दिए गए पते पर फिलहाल उस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता।''
भाषा जितेंद्र अविनाश
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