विपक्ष चर्चा के लिए तैयार हो, हर सवाल का जवाब दूंगा: अमित शाह
वैभव
- 12 Aug 2026, 01:40 PM
- Updated: 01:40 PM
नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि विपक्षी दल छात्रों से जुड़े विषय पर चर्चा के लिए तैयार हो जाएं तो वह हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं ताकि देश की जनता के सामने सब 'दूध का दूध, पानी का पानी' हो जाए' क्योंकि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।
बीते 20 जुलाई को आरंभ हुए संसद के मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में जारी गतिरोध के बीच शाह ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखा और आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा होने ही नहीं देना चाहता।
शाह ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से वह नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने कक्ष में बैठते हैं, लेकिन विपक्ष दोनों सदनों की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है।
उन्होंने कहा, '' "लापता, भाग गए, भगोड़े.." इस प्रकार की भाषा भारत के सार्वजनिक जीवन और संसदीय जीवन में अभी-अभी सुनाई पड़ी है। जब से संसद सत्र शुरू हुआ है, तब से लगातार मैं संसद में आता हूं, अपने कक्ष में बैठता हूं। चूंकि संसद भवन में विपक्ष दोनों सदनों में कार्यवाही चलने नहीं दे रहा है, तो कोई जाकर क्या करेगा?''
गृह मंत्री ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार नीट से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के मुद्दे पर सभी प्रकार से चर्चा के लिए तैयार है, समय तय किया जाए और विपक्ष भी चर्चा के लिए तैयार हो जाए।
उन्होंने कहा, ''इनकी (विपक्ष) मांग शुरुआत से यही थी और हम उस पर सहमत हुए। मैंने अपनी ओर से कहा है कि मैं संसद में हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं, लेकिन ये चर्चा नहीं होने देना चाहते। अब जनता तय करे कि कौन भाग रहा है।''
शाह ने कहा कि विपक्ष चर्चा कराने के लिए आज दोपहर दो बजे तक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र दे दे और आज तीन बजे से कल तीन बजे तक सभी प्रकार की चर्चा हो जाए।
उन्होंने कहा, ''मैं सदन में ही बैठूंगा, सबको सुनूंगा और सभी प्रकार के जवाब दूंगा, सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। मैं इस बात पर भी चर्चा करूंगा कि आपने (विपक्ष) चर्चा क्यों नहीं चाही।''
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को संसद की कार्यवाही चलने देनी चाहिए।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''मुझे (विपक्ष से) कोई कहता है कि आप एक बयान दे दो। इतने गंभीर मसले पर इस तरह से चर्चा नहीं हो सकती। आपकी पद्धति में यह होगा, लेकिन संसदीय पद्धति में यह नहीं है...आज तीन बजे से चर्चा हो... लोकसभा अध्यक्ष अनुमति दें तो हम तो प्रश्नकाल भी निलंबित करने के लिए तैयार हैं।''
उनका कहना था, ''मैं हर चीज का जवाब दूंगा ताकि देश की जनता के सामने दूध का दूध, पानी का पानी हो जाए।''
गृह मंत्री ने कहा कि अब विपक्ष को तय करना है कि उन्हें चर्चा करनी है या हंगामा करना है।
संसद का वर्तमान मानसून सत्र बीते 20 जुलाई को आरंभ हुआ था। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण अब तक दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है।
हंगामे के बीच ही सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सफल रही है।
सरकार ने बीते सप्ताहांत कहा था कि वह छात्रों के विषय पर चर्चा कराने और इस पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के लिए तैयार है, हालांकि विपक्ष का कहना है कि राम मंदिर से कथित चढ़ावा चोरी पर चर्चा, छात्रों पर कार्रवाई को लेकर शाह के जवाब और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी की मांग करने के मुद्दे एक दूसरे से जुड़े हुए हैं तथा वह इन तीनों मांगों पर कायम है।
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