क्या भाजपा की सरकार नहीं बनाने के लिए जम्मू कश्मीर के लोगों को सजा दी जा रही है: उमर अब्दुल्ला
मनीषा
- 06 May 2026, 01:11 PM
- Updated: 01:11 PM
(सुमीर कौल)
श्रीनगर, छह मई (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के साथ यह बहुत बड़ा अन्याय है कि पूर्ण राज्य का दर्जा देने का वादा पूरा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें इसलिए सजा दी जा रही है क्योंकि उन्होंने भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं चुना?
करीब 20 महीने पहले सत्ता में आए अब्दुल्ला ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''अगर ऐसा ही है, तो भाजपा को संसद में खड़े होकर या उच्चतम न्यायालय को यह बता देना चाहिए था कि जब तक जम्मू कश्मीर में भाजपा का मुख्यमंत्री नहीं बैठेगा, तब तक आपको राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा... तब मैं मान लेता कि ये लोग सच बोल रहे हैं।''
केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी पर गहरी निराशा जताते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि यह ''धोखा और वादाखिलाफी'' है।
उन्होंने कहा, ''बेशक, यह निराशाजनक है। अब 'जल्द' का समय तो कब का बीत चुका है। 'जल्द' का मतलब होता चुनाव के तुरंत बाद। जैसा कि आपने कहा, हमारी सरकार को 20 महीने हो चुके हैं। अब इसे 'जल्द' नहीं कहा जा सकता। इसमें बेवजह देरी की गई है। और दुख की बात यह है कि कोई यह नहीं बता पा रहा कि ऐसा क्यों हो रहा है। हर बार यही सुनने को मिलता है कि जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा 'सही समय' आने पर बहाल कर दिया जाएगा। लेकिन कोई यह नहीं बताता कि वह 'सही समय' कब आएगा।''
अब्दुल्ला ने कहा कि हालांकि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से लगातार मिलते रहते हैं, लेकिन इस बात का कोई साफ संकेत नहीं मिला है कि केंद्र सरकार के 'सही समय' वाले पैमाने पर खरा उतरने के लिए जम्मू कश्मीर को क्या करना होगा। उन्होंने कहा कि इस वजह से राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा अधर में लटका हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''उस 'सही समय' को मापने का पैमाना क्या है? कम से कम अगर हमें यह पता होता कि वह 'सही समय' कब आएगा और उसे कैसे मापा जाएगा, तो हम उस दिशा में काम करते... इसलिए हम अपनी कोशिशें जारी रखे हुए हैं। हम अपनी मांग को ज़िंदा रखे हुए हैं। हम इस बारे में लगातार बात करते रहते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि जम्मू कश्मीर के लोगों के साथ यह बहुत बड़ा अन्याय है कि यह वादा पूरा नहीं किया जा रहा है।''
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के लिए बार-बार तीन चरणों वाला एक रोडमैप बताया है - परिसीमन, चुनाव और राज्य का दर्जा।
अब्दुल्ला ने बताया कि पहले दो चरण पूरे हो चुके हैं और इस अक्टूबर में उनकी सरकार को सत्ता में आए दो साल पूरे हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस काम के लिए तय की गई समय-सीमा अब उस 'जल्द' बहाली के वादे से कहीं आगे निकल चुकी है, जो संसद और उच्चतम न्यायालय में किया गया था।
उन्होंने कहा, ''क्या ऐसा इसलिए है क्योंकि भाजपा को यहां सरकार बनाने की इजाजत नहीं दी गई? क्या इसीलिए जम्मू कश्मीर के लोगों को सजा दी जा रही है?''
अगस्त 2019 में, केंद्र सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया था, जिससे जम्मू कश्मीर को मिला विशेष दर्जा समाप्त हो गया था। साथ ही केंद्र सरकार ने तत्कालीन राज्य को जम्मू कश्मीर और लद्दाख नाम के दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।
अब्दुल्ला ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अपनी मूल विचारधारा के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, और वह नई दिल्ली में मौजूदा सरकार के साथ क्या हासिल किया जा सकता है, इस बारे में जनता से झूठ बोलने से साफ इनकार करते हैं।
उन्होंने कहा, ''भारत की वर्तमान सरकार से अनुच्छेद 370 के बारे में बात करना समय की बर्बादी है; यह लोगों को बेवकूफ बनाने जैसा है। जो लोग आपको राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं हैं, क्या वे आपको अनुच्छेद 370 देने को तैयार होंगे?''
जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि क्या राज्य सरकार स्पष्टता के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएगी, तो उन्होंने सावधानीपूर्वक कहा, ''देखते हैं। ऐसी चीजों में जोखिम भी होता है। मैं बहुत ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहता, क्योंकि फिर उसका गलत मतलब निकाला जाता है। बस इतना कहूंगा कि हमारे पास सभी विकल्प खुले हुए हैं।''
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा
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