पंजाब-हरियाणा की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता अटूट: नायब सिंह सैनी
नरेश
- 01 May 2026, 07:54 PM
- Updated: 07:54 PM
चंडीगढ़, एक मई (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब और हरियाणा के बीच गहरे सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंधों पर बल देते हुए शुक्रवार को कहा कि दोनों राज्यों की भौगोलिक सीमाएं भले ही अलग हों, लेकिन उनकी आत्मा, परंपराएं और जीवन शैली एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
पंजाब के नवांशहर जिले के पोजेवाल में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सैनी ने कहा कि दोनों राज्यों की साझा विरासत महान संतों की शिक्षाओं से निर्मित हुई है, जिनका प्रभाव सीमाओं और पीढ़ियों से परे है।
संतों की सार्वभौमिकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक गुरु किसी एक क्षेत्र के नहीं होते, बल्कि वे संपूर्ण मानवता के होते हैं।
उन्होंने कहा, " संतों का जीवन 'वसुधैव कुटुम्बकम' के शाश्वत आदर्श का प्रतीक है, जो समाज को एकता, सद्भाव और सेवा के प्रति उसकी सामूहिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है।"
सैनी ने बताया कि सतगुरु ब्रह्मानंद महाराज भूरीवाले को हरियाणा में भी पंजाब जैसा ही सम्मान प्राप्त है और उनके लाखों अनुयायी आज भी उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा ले रहे हैं।
शिक्षा, विशेषकर बालिका शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भूरीवाले की विरासत क्षेत्र में स्थापित संस्थानों के माध्यम से जीवित है, जिनमें लड़कियों की शिक्षा के लिए समर्पित चार कॉलेज और तीन स्कूल शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इसी भावना के अनुरूप हरियाणा सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा को 20 किलोमीटर के दायरे में उपलब्ध कराने का प्रयास किया है, जिससे लाखों युवतियां बिना किसी बाधा के शिक्षा प्राप्त कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों के जीवन ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई को भी प्रेरित किया है।
आध्यात्मिक दर्शन और शासन के बीच संबंध जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ऐसे महान संतों के दिखाए मार्ग पर चलते हुए गरीबों, महिलाओं और समाज के समग्र कल्याण के लिए कार्य कर रही है।
उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि "अंतिम व्यक्ति के उत्थान" का लक्ष्य सरकार की नीतियों का आधार है।
सैनी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इन आदर्शों को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
युवाओं को संदेश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिकता को अपनाना चाहिए।
सैनी ने कहा कि भूरीवाले की शिक्षाएं कठिन समय में नैतिक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करती हैं और उनकी आध्यात्मिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सतनाम सिंह संधू तथा पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना भी मौजूद थे।
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0105 1954 चंडीगढ़