अप्रैल में कोल इंडिया का उत्पादन घटा
रमण
- 01 May 2026, 09:26 PM
- Updated: 09:26 PM
नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लि. का कोयला उत्पादन अप्रैल में 9.7 प्रतिशत घटकर 5.61 करोड़ टन रहा। इससे देश की तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांगों को पूरा करने को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
कोयला उत्पादन में यह गिरावट काफी अहम है, क्योंकि यह ईंधन देश में बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है और कुल बिजली उत्पादन में इसका हिस्सा 70 प्रतिशत से भी अधिक है।
कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अप्रैल 2025-26 में 6.21 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया था।
उद्योग जगत का कहना है कि गर्मियों में बिजली की मांग अपने चरम पर होने से बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ऐसे में उत्पादन में आई यह कमी तापीय बिजलीघरों और उद्योगों को होने वाली कोयले की आपूर्ति पर दबाव डाल सकती है। इससे आयातित कोयले की कीमतें बढ़ने की आशंका है।
सीआईएल ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि कोल इंडिया की जिन सहायक कंपनियों के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है, उनमें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल), भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) शामिल हैं। वहीं, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) ने उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।
हालांकि, कंपनी ने उत्पादन और उठाव, दोनों में आई इस गिरावट के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।
कोयला क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी देश के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत और कोयले पर आधारित कुल बिजली उत्पादन में 75 प्रतिशत का योगदान देती है।
सीआईएल देश के कुल बिजली उत्पादन में 55 प्रतिशत का योगदान देती है और देश की प्राथमिक वाणिज्यिक ऊर्जा जरूरतों का 40 प्रतिशत हिस्सा पूरा करती है।
कोयला उत्पादन में यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब सोमवार को देश में बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 255.85 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।
महारत्न कंपनी का उत्पादन वित्तवर्ष 2025-26 में 1.7 प्रतिशत घटकर 76.81 करोड़ टन रहा है।
कंपनी ने वित्तवर्ष 2024-25 में 78.11 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया था।
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, मार्च में कोल इंडिया का उत्पादन पिछले साल इसी समय के 8.58 करोड़ टन से घटकर 8.45 करोड़ टन रह गया।
सरकार ने पहले कहा था कि भारत का घरेलू कोयला उत्पादन लगातार उपभोक्ताओं की मांग के हिसाब से बढ़ रहा है और पश्चिम एशिया में हाल के तनाव के बीच, कोल इंडिया सभी क्षेत्रों के लिए बिना किसी रुकावट के कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कदम उठा रही है।
भाषा राजेश राजेश रमण
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