एफसीआरए उल्लंघन: कांग्रेस नेता सतीशन के बाद एनजीओ के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश
पारुल दिलीप
- 05 Jan 2026, 04:38 PM
- Updated: 04:38 PM
तिरुवनंतपुरम, पांच जनवरी (भाषा) केरल सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) ने एक पुनर्वास परियोजना से जुड़े कथित एफसीआरए उल्लंघन मामले में राज्य के एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) और उसके चेयरमैन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस मामले में केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन भी आरोपी हैं।
सरकारी सूत्रों ने रविवार को बताया था कि वीएसीबी ने पुनर्वास परियोजना ‘पुनर्जनी’ के लिए विदेश से धन जुटाने में एफसीआरए के कथित उल्लंघन को लेकर सतीशन के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की सिफारिश की है।
सोमवार को सूत्रों ने बताया कि मनप्पट फाउंडेशन और उसके चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमीर अहमद के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश वाली रिपोर्ट मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को सौंप दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, आरोप है कि ‘पुनर्जनी’ परियोजना के तहत बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास के नाम पर विदेश से धनराशि जुटाई गई और अहमद तथा सतीशन के बीच मिलीभगत से केरल भेजी गई।
सूत्रों के अनुसार, वीएसीबी ने अपनी जांच में पाया कि ‘पुनर्जनी’ परियोजना के दौरान (2018 से 2022 के बीच) मनप्पट फाउंडेशन के एफसीआरए खाते में लगभग 1.22 करोड़ रुपये जमा किए गए थे।
सतर्कता विभाग को मिली शिकायत के मुताबिक, सतीशन की ओर से ‘पुनर्जनी’ परियोजना के नाम पर विभिन्न देशों से यह धनराशि एकत्र की गई थी।
विभाग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मनप्पट फाउंडेशन विदेश से जुटाई गई राशि से संबंधित रिकॉर्ड रखने में विफल रहा, जो कि एफसीआरए के नियम 19 का उल्लंघन है।
सूत्रों ने बताया कि एनजीओ के बैंक खातों में जमा की गई धनराशि और संबंधित लेन-देन के समर्थन में पेश दस्तावेजों के बीच भी विसंगतियां पाई गईं।
उन्होंने बताया कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर सतर्कता विभाग ने ‘पुनर्जनी’ के लिए विदेश से धन जुटाने में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
इस घटनाक्रम पर मनप्पट फाउंडेशन की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रविवार को सरकारी सूत्रों ने बताया था कि सतीशन ने केंद्र सरकार से निजी यात्रा के लिए अनुमति लेकर विदेश यात्रा की और एक पुनर्वास परियोजना के नाम पर विदेश में कथित तौर पर धन जुटाया, जिसे बाद में केरल के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया गया।
सूत्रों ने बताया था कि सतर्कता विभाग ने एफसीआरए अधिनियम 2010 की धारा 3(2)(ए) के तहत सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश की है।
यह धारा भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति या विदेश में रहने वाले किसी भारतीय नागरिक को किसी राजनीतिक दल की ओर से विदेशी अंशदान स्वीकार करने से प्रतिबंधित करती है।
सतीशन ने संबंधित घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि वह इस मामले में निजी और राजनीतिक दोनों स्तर पर लड़ेंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा था कि उन्हें सीबीआई जांच पर कोई आपत्ति नहीं है और वह इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि यह मामला कानूनी तौर पर नहीं टिक पाएगा।
भाषा पारुल