आधुनिकता और आध्यात्मिकता का संगम भारतीय संस्कृति की प्रमुख शक्ति है: राष्ट्रपति मुर्मू
संतोष माधव
- 20 Dec 2025, 09:24 PM
- Updated: 09:24 PM
हैदराबाद, 20 दिसंबर (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि देश की आध्यात्मिक विरासत विश्व की मनोवैज्ञानिक, नैतिक और पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान प्रदान करती है।
हैदराबाद में ब्रह्मा कुमारीज शांति सरोवर द्वारा अपनी 21वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘भारत का शाश्वत ज्ञान: शांति और प्रगति के मार्ग’ विषय पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिकता और आध्यात्मिकता का मिश्रण भारत की संस्कृति की एक प्रमुख शक्ति है।
उन्होंने कहा, ‘‘वसुधैव कुटुंबकम् की भावना (संपूर्ण विश्व को एक परिवार के रूप में मानने का दर्शन) आज विश्व शांति के लिए सबसे बड़ी आवश्यकता है।’’
मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि देश की प्राचीन ऋषि परंपरा सत्य, अहिंसा और सह-अस्तित्व का संदेश देती है।
उन्होंने आगे कहा कि योग परंपरा एक ऐसी जीवनशैली प्रदान करती है जो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन और आत्म-अनुशासन को भी मजबूत करती है।
उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से भारत ने विश्व को यह संदेश दिया है कि एक नागरिक स्वस्थ मन और शरीर के साथ राष्ट्र और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
वैश्विक समुदाय में हो रहे परिवर्तनों को देखते हुए राष्ट्रपति ने मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं, सामाजिक संघर्षों, पारिस्थितिकी असंतुलन और मानवीय मूल्यों के क्षरण सहित कई गंभीर चुनौतियों को स्वीकार किया।
उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में, इस सम्मेलन का विषय अत्यंत प्रासंगिक है।
मुर्मू ने जोर देकर कहा, ‘‘हमें याद रखना चाहिए कि केवल भौतिक विकास से सुख और शांति नहीं मिलती। आंतरिक स्थिरता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और मूल्य-आधारित दृष्टिकोण आवश्यक हैं।’’
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आध्यात्मिकता सामाजिक एकता और राष्ट्रीय प्रगति के लिए एक मजबूत आधार का काम करती है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति मानसिक स्थिरता, नैतिक मूल्यों और आत्म-नियंत्रण विकसित करते हैं, तो उनका व्यवहार समाज में अनुशासन, सहिष्णुता और सहयोग को बढ़ावा देता है।
मुर्मू ने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि ब्रह्माकुमारीज संगठन दशकों से विभिन्न देशों में सार्वभौमिक भारतीय मूल्यों का प्रसार कर रहा है। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।
मुर्मू राष्ट्रपति के आधिकारिक आवासों में से एक ‘राष्ट्रपति निलयम’ में अपने शीतकालीन प्रवास के लिए यहां पहुंचीं हैं।
भाषा संतोष