पाकिस्तान और चीन की तरह व्यवहार कर रहे हैं राहुल; ममता को जेल में डाल देना चाहिए: गिरिराज
नरेश
- 03 Feb 2026, 07:47 PM
- Updated: 07:47 PM
(दीपक रंजन)
नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लोकसभा में पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल नरवणे के संस्मरण का हवाला देने के प्रयासों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि वह पाकिस्तान और चीन की तरह व्यवहार कर रहे हैं ।
सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और कहा कि कोलकाता में हाल ही में आई-पैक के परिसरों से धनशोधन मामले के सबूत कथित तौर पर अपने साथ ले जाने के लिए उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।
पीटीआई वीडियो को दिए साक्षात्कार में सिंह ने लोकसभा में राहुल द्वारा भारत-चीन सीमा मुद्दे पर बात करने पर अड़े रहने पर सवाल उठाए और कहा कि संसदीय इतिहास में संभवत: ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सदस्य ने लोकसभा अध्यक्ष के आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया।
सिंह ने कहा, "क्या उनके (राहुल गांधी) एनजीओ को संसद के अंदर और बाहर भारतीय सेना और देश का अपमान करने के लिए चीन से पैसा मिला है? "
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सदन नियमों, कानूनों और व्यवस्था के तहत चलना चाहिए और लोकसभा अध्यक्ष भी कानून के तहत बाध्य हैं।
सिंह ने कहा, "संसदीय इतिहास में ऐसा संभवत: पहली बार हुआ है कि पांच बार निर्देश दिए जाने के बावजूद उन्होंने (राहुल गांधी) बात नहीं मानी। वह मूर्ख नहीं हैं।"
भाजपा नेता ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होनी है और वह देश की सेना का मनोबल गिराने वाली बात कर रहे हैं।
सिंह ने नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पाकिस्तान और चीन की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें (राहुल गांधी) यह बताना चाहिए कि वह चीनी दूतावास क्या करने गए थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर राहुल गांधी चर्चा करना चाहते हैं तो उन्हें किसी और दिन अलग विषय के जरिये इसे उठाना चाहिए और वह भी नियमों के तहत होना चाहिए।
सिंह ने कहा, "मैंने कहा कि अगर वह इस मुद्दे पर चर्चा करना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत इस बात से होनी चाहिए कि चीन और भारत के बीच सीमा विवाद को लेकर आखिरी युद्ध कब हुआ था। और जब 1962 का युद्ध हुआ, तब कितने हजार एकड़ जमीन दे दी गई थी।"
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने 2021 में खुद कहा था कि एक इंच जमीन भी नहीं गंवाई है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को 2020 के भारत-चीन संघर्ष को लेकर पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के संस्मरण का हवाला देने का प्रयास किया, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध किया।उन्होंने गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया, जिसके बाद सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों पर सिंह ने कहा, "यह चोरी और सीना जोरी करने जैसा है। एसआईआर के दौरान उन्होंने 98–99 प्रतिशत सरकारी अधिकारियों को टीएमसी का कार्यकर्ता बना दिया। निर्वाचन आयोग को किसी भी अधिकारी को पर्यवेक्षक नियुक्त करने की स्वतंत्रता होती है, लेकिन उन्होंने (ममता ने) उन्हें पार्टी कार्यकर्ता बना दिया।"
जनवरी में कथित कोयला घोटाले के सिलसिले में कोलकाता में आईपैक के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर ईडी की छापेमारी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा, "ईडी ने किसी और के खिलाफ छापेमारी की और वह सबूत लेकर भाग गईं। उन्हें जेल में बंद किया जाना चाहिए। वह समझ गई हैं कि वह हार जाएंगी और इसलिए वह नाटक कर रही हैं।"
बनर्जी ने विरोध स्वरूप काली शॉल ओढ़कर सोमवार को पार्टी के नेताओं और एसआईआर से प्रभावित परिवारों के साथ यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की।
बनर्जी ने कुमार को अहंकारी बताया और आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने उनके प्रतिनिधिमंडल का "अपमान" किया।
चार राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव के बारे में सिंह ने दावा किया कि केरल और तमिलनाडु में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को जीत मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केरल की जनता अब अपनी गलती स्वीकार कर रही है और वहां भाजपा का महापौर निर्वाचित हुआ है।
तमिलनाडु की द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर निशाना साधते हुए सिंह ने दावा किया कि तमिलनाडु में हिंदुओं का उत्पीड़न हो रहा है और 12 हजार मंदिरों पर ताला लगा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि वहां भाजपा की सरकार बनाए बिना सौहार्दपूर्ण समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
भाषा जोहेब नरेश
नरेश
0302 1947 दिल्ली