बारबाडोस में राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व करेंगे बिरला
धीरज नेत्रपाल
- 24 Aug 2025, 08:52 PM
- Updated: 08:52 PM
नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अक्टूबर में बारबाडोस में होने वाले राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) में भारतीय शिष्टमंडल का नेतृत्व करेंगे। सम्मेलन में चुनावों में वित्तीय पारदर्शिता पर भी एक सत्र होगा।
बिरला ने रविवार शाम पूरे देश से आए विधायी निकायों के पीठासीन अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता की और उन्हें सम्मेलन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, 68वां राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (सीपीसी) 5 से 12 अक्टूबर तक ब्रिजटाउन में आयोजित होगा।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और देश भर के राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारी एवं सचिव शामिल होंगे।
बयान के मुताबिक, बिरला 68वीं राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की आम सभा को ‘राष्ट्रमंडल: वैश्विक साझेदार’ विषय पर संबोधित करेंगे।
इसके अलावा, भारतीय संसदीय शिष्टमंडल के सदस्य सात कार्यशालाओं में हिस्सा लेंगे जिनमें मेजबान इकाई द्वारा रखा गया विषय ‘‘लोकतंत्र के समर्थन के लिए अपनी संस्थाओं को सुदृढ़ करना’’ शामिल है।
इसके अलावा, ‘प्रौद्योगिकी का उपयोग : डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से लोकतंत्र का संवर्धन करना और डिजिटल विभाजन का सामना करना’, ‘सीएचओजीएम 2026 पर एक नज़र: महिलाओं और सुलभता की दृष्टि से मानवीय पहलू का समर्थन करना’, ‘जलवायु परिवर्तन और वैश्विक स्वास्थ्य पर इसका खतरा - स्थायी समाधान खोजना’ तथा ‘लोकतंत्र में विश्वास बढ़ाना और पारदर्शिता लाना : संसदों और चुनावों में वित्तीय पारदर्शिता’ जैसे विषय भी शामिल होंगे।
इसमें राष्ट्रीय संसद बनाम प्रांतीय, प्रादेशिक और हस्तांतरित विधानमण्डल : शक्तियों के पृथक्करण की रक्षा और संरक्षण’, ‘सुशासन, बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में राष्ट्रमंडल की भूमिका’ विषय पर भी कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, आम सभा और कार्यशालाओं के अलावा, एक युवा गोलमेज सम्मेलन भी होगा जिसका विषय ‘सुरक्षित और स्वतंत्र रहकर उन्नति करना : गिरोह हिंसा से से लेकर साइबर-उत्पीड़न तक की आधुनिक चुनौतियों पर विजय पाने के लिए युवाओं को सशक्त बनाना’ है।
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