कॉजपा को प्रदर्शन की अनुमति से इनकार; 57 मेट्रो स्टेशन व इंटरनेट बंद, 25 हजार जवान तैनात
Daily world
- 09 Oct 2026, 10:40 PM
- Updated: 10:40 PM
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के जंतर-मंतर पर शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से शुक्रवार को इनकार करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं जिसके तहत 25 हजार सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने के साथ-साथ 57 मेट्रो स्टेशन व मोबाइल इंटरनेट बंद करना, सीमावर्ती स्थलों, बस टर्मिनल, होटलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जांच करना शामिल है।
पुलिस के अनुसार, व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना के बीच प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर अनधिकृत धरना देने से रोकना और शहर भर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
पुलिस ने अनुमति देने से इनकार करने का कारण संगठन द्वारा पहले किए गए प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और अपने आश्वासनों का पालन नहीं किए जाने को बताया है।
सूत्रों ने बताया कि जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार रात रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। यह फैसला सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाकी हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अप्रभावित रहेंगी।
इसी के साथ सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नयी दिल्ली जिले को 20 ज़ोन में विभाजित किया गया है।
सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कड़ाई से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए सभी 20 में से हर जोन की निगरानी का जिम्मा एक संयुक्त पुलिस आयुक्त, एक पुलिस उपायुक्त और एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी ज़ोन की बारीकी से निगरानी करेंगे और कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे।
वहीं, नयी दिल्ली रेंज की संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) नूपुर प्रसाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था।
उन्होंने कहा कि आवेदन पर विचार किया गया लेकिन यह पाया गया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन सात अक्टूबर को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार, ऐसे आवेदन कम से कम 10 दिन पहले जमा करने होते हैं।
प्रसाद ने जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले भी कॉजपा को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान संगठन ने कानूनी निर्देशों और स्वयं दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि कानूनी निर्देशों और आश्वासनों का पालन नहीं किए जाने, कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति एवं सार्वजनिक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।
प्रसाद ने यह भी कहा कि नयी दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए हैं।
पुलिस ने चेतावनी दी कि धारा 163 का उल्लंघन करने, तोड़फोड़ करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अदालतों के पूर्व के फैसलों के अनुरूप उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर 'मॉक ड्रिल' की।
सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियों को लगाया जा सकता है।
एहतियात के तौर पर दिल्ली भर में शराब की दुकानें नौ और 10 अक्टूबर को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा दिल्ली पुलिस के कहने पर राजीव चौक, नयी दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और कश्मीरी गेट सहित 57 दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर प्रवेश और निकास द्वार शुक्रवार रात नौ बजे से अगली सूचना तक बंद रहेंगे।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अनुसार, प्रतिबंध 10 अक्टूबर को भी जारी रहेंगे तथा नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहेगी।
अन्य प्रमुख स्टेशन जहां प्रवेश और निकास द्वार बंद रहेंगे, उनमें जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, जामा मस्जिद, चांदनी चौक, हौज खास और आईएनए शामिल हैं।
इसके अलावा शाहीन बाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, ओखला विहार, कालिंदी कुंज, लाजपत नगर, आश्रम, सराय काले खां-निजामुद्दीन, वेलकम, शाहदरा, रिठाला, रोहिणी, आजादपुर, जंगपुरा और शिवाजी स्टेडियम के प्रवेश एवं निकास द्वार भी बंद रहेंगे।
रेलवे सेवाएं भी बाधित होने की आशंका है। शनिवार तड़के चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नयी दिल्ली और हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने या प्रस्थान करने वाली कई ट्रेन रद्द होने की सूचना है।
प्रतिबंधों का उद्देश्य बड़े समूहों को संवेदनशील स्थानों पर एकत्र होने और उन क्षेत्रों की ओर जाने से रोकना है जहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
प्रस्तावित उपाय कार्यालय जाने वालों, छात्रों, दुकानदारों और अन्य यात्रियों को प्रभावित कर सकते हैं जो दैनिक यात्रा के लिए मेट्रो पर निर्भर हैं।
इस बीच, पुलिस ने सोशल मीडिया मंचों की निगरानी बढ़ा दी है और प्रदर्शन के लिए लामबंदी के संबंध में 200 से अधिक 'कंटेंट क्रिएटर' जांच के दायरे में हैं।
राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर भी कड़ी निगरानी की जाएगी और अतिरिक्त सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने कहा कि शनिवार सुबह छह बजे के बाद नयी दिल्ली क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक की संभावना है जो सुरक्षा आकलन और जमीनी स्थिति के आधार निर्भर करेगा।
एहतियाती सुरक्षा कवायद के तहत होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की जांच की जा रही है। पुलिस विभिन्न मस्जिदों और मंदिरों से भी अपील जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह कर रही है।
राजधानी भर के बस टर्मिनलों पर कड़ी सतर्कता बरती जाएगी, सुरक्षाकर्मी पड़ोसी राज्यों से आने वाले यात्रियों और वाहनों की निगरानी करेंगे।
यह सुनिश्चित करने के लिए कि यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित रहे, इसके लिए हवाई अड्डे और इसके आसपास की सड़कों पर अतिरिक्त जांच और निगरानी की जाएगी। हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय संभावित जाम और सुरक्षा जांच का ध्यान रखें।
दिल्ली यातायात पुलिस ने शनिवार को 30 सड़कों और फ्लाईओवर पर यातायात प्रभावित रहने की चेतावनी दी।
पुलिस ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का भी अनुरोध किया है।
यातायात पुलिस के परामर्श के अनुसार, यातायात प्रबंधन के उपाय मौके की स्थिति के आकलन के आधार पर लागू किए जाएंगे या उनमें ढील दी जाएगी। यात्रियों को यातायात संबंधी ताजा जानकारी, वैकल्पिक मार्गों और अन्य सूचनाओं के लिए दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक मंचों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज 'फॉर्म 6' में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं।
भाषा नोमान नोमान माधव
माधव
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नननन