गृह मंत्रालय की सुरक्षा मंजूरी के बाद ही शुरू होंगी सैटकॉम सेवाएं: सिंधिया
रमण
- 09 Oct 2026, 09:45 PM
- Updated: 09:45 PM
नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर (भाषा) संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शुक्रवार को कहा कि उपग्रह संचार (सैटकॉम) सेवाएं गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद ही शुरू हो सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के आरोपों का समर्थन करने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना भी साधा।
सिंधिया ने 'इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026' के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता है।
उन्होंने कहा कि एक 'खास' कंपनी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन देश में तीन कंपनियों को सैटकॉम लाइसेंस मिल चुके हैं। इनमें से हरेक कंपनी को सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी करने के बाद ही सेवाएं शुरू करने की अनुमति मिलेगी।
सिंधिया मस्क के उन आरोपों से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे थे, जिनमें उन्होंने दावा किया था कि एक भारतीय कारोबारी समूह के प्रभाव में आकर उनकी कंपनी स्टारलिंक की सैटकॉम सेवाओं को शुरू करने से रोका जा रहा है।
दूरसंचार विभाग ने बृहस्पतिवार को इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि देश में सैटकॉम लाइसेंस प्राप्त सभी कंपनियों को सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा।
इसके बाद मस्क ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर सवाल किया था कि 'क्या अंबानी भारत के असली बॉस' हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पोस्ट पर अपनी टिप्पणी में लिखा था, "भारत में आपका स्वागत है, एलन। दूसरे व्यक्ति के बारे में पता चलने का इंतजार कीजिए।"
इस मामले में सिंधिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी पहले एक व्यक्ति को लाइसेंस दिए जाने से परेशान थी और अब उसी व्यक्ति के सेवाएं शुरू नहीं कर पाने पर सवाल उठा रही है।
उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं पता कि कांग्रेस को खुद स्पष्टता है या नहीं कि वह किस दिशा में जा रही है, लेकिन कांग्रेस के साथ ऐसा होना अपेक्षित है।''
उन्होंने कहा कि दूरसंचार विभाग किसी खास प्रौद्योगिकी का पक्ष नहीं लेता है। उसका उद्देश्य ग्राहकों को विभिन्न सेवाओं के विकल्प उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी पसंद की सेवा और कंपनी चुन सकें।
सिंधिया ने बताया कि मस्क की स्टारलिंक, रिलायंस जियो की सैटकॉम इकाई जियो सैटकॉम और भारती समर्थित यूटेलसैट वनवेब को लाइसेंस मिल चुके हैं। अमेजन कुइपर ने भी इस क्षेत्र में रुचि दिखाई है और उसे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
उन्होंने कहा कि सैटकॉम स्पेक्ट्रम के मूल्य निर्धारण पर दूरसंचार नियामक ट्राई अपनी सिफारिश दे चुका है। दूरसंचार आयोग ने तीन सितंबर को हुई बैठक में मामूली बदलावों के साथ इन सिफारिशों को मंजूरी दी थी।
इन सिफारिशों पर अंतिम फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल को करना है। स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए शुल्क व्यवस्था तय होने और संबंधित कंपनियों के सुरक्षा मानक पूरे करने के बाद ही सेवाएं शुरू हो सकेंगी।
अगली स्पेक्ट्रम नीलामी के बारे में सिंधिया ने कहा कि फिलहाल पर्याप्त स्पेक्ट्रम आवंटित किया जा चुका है। मांग और जरूरत के अनुरूप 5जी एकल और 6जी सेवाओं के लिए आवश्यक स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी।
देश में पिछली स्पेक्ट्रम नीलामी जून 2024 में हुई थी, जिसमें 11,340 करोड़ रुपये की बोलियां मिली थीं। नीलामी के लिए रखे गए कुल स्पेक्ट्रम में से केवल 26.5 प्रतिशत ही बिक पाया था।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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