केरल में लाइसेंस परीक्षण नियमों में सुधार, ड्राइविंग स्कूल संघों ने किया विरोध
वैभव
- 02 May 2024, 05:11 PM
- Updated: 05:11 PM
तिरुवनंतपुरम, दो मई (भाषा) केरल सरकार द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षण को अधिक कठिन तथा चुनौतीपूर्ण बना देने के बाद ड्राइविंग स्कूल संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा हैं।
केरल में तमाम संघों ने राज्यभर में प्रदर्शन शुरू कर दिया है जिससे ड्राइविंग लाइसेंस परिक्षण को निलंबित करना पड़ा है। वे नये सुधारों वाले मोटर वाहन विभाग के परिपत्र को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
केरल मोटर वाहन विभाग (एमवीडी) ने दो मई से नये बदलावों को लागू किया है।
ड्राइविंग स्कूल संघों के नेताओं का कहना है कि वे नये बदलावों के खिलाफ नहीं है पर इसे लागू करने के लिए और समय चाहते हैं।
ये संघ मुख्य तौर पर प्रशिक्षण और लाइसेंस के लिए परीक्षण करने वाली गाड़ियों में डैशबोर्ड कैमरा लगाने और 15 साल से पुरानी गाड़ियों को उपयोग में नहीं लाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम नए सुधारों के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन हम कार्यान्वयन के लिए और समय की मांग करते हैं।’’
एक ड्राइविंग स्कूल के मालिक और ‘ऑल केरल ड्राइविंग स्कूल ओनर्स एसोसिएशन’ के सदस्य उन्नी ने कहा, ‘‘हमें कोई प्रशिक्षण नहीं दिया गया है कि नए परीक्षण कैसे किए जाएं और नए परीक्षणों के संचालन के लिए कोई बुनियादी ढांचा भी तैयार नहीं किया गया है।’’
उन्होंने मांग की है कि राज्य के सभी 84 परीक्षण केंद्रों में समान सुविधाएं हों और इन सभी केंद्रों में किए जाने वाले परीक्षण एक समान होने चाहिए।
उन्नी कहते हैं कि इन सुधारों को लागू करने में सरकार की ‘जल्दबाजी’ का विरोध किया जा रहा है।
उनहोंने कहा, ‘‘केरल उच्च न्यायालय में पहले से ही एक मामला लंबित है और सरकार फैसले तक इंतजार क्यों नहीं कर सकती?’’
संघ ने एमवीडी परिपत्र को चुनौती देने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया है।
संघ के सदस्यों ने कहा कि जब तक यह परिपत्र वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे हड़ताल जारी रखेंगे।
तिरुवनंतपुरम में मुत्तथारा परीक्षण स्थल पर परीक्षण के लिए मौजूद मोटर वाहन निरीक्षक वेणु ने कहा कि छह आवेदकों ने बृहस्पतिवार को परीक्षण के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन वे परीक्षण में शामिल नहीं हो सके।
वेणु ने कहा, ‘‘उन्हें प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया था इसलिए हम आज परीक्षण नहीं कर सके। हमने उन सभी छह लोगों को बुलाया था जिन्होंने आज परीक्षण के लिए पंजीकरण कराया था। लेकिन आवेदक परीक्षण स्थल में प्रवेश नहीं कर सके।’’
वहीं, नए प्रशिक्षणार्थियों ने नए सुधारों का स्वागत किया है और वे इसे ड्राइविंग कौशल में सुधार के लिए एक अच्छा कदम मानते हैं।
ड्राइविंग स्कूल छात्रा नसरीन ने कहा कि सुधार अच्छे हैं। उसने कहा, ‘‘मैं इसे अच्छा मानती हूं और यह उन लोगों के लिए बेहतर है जो सीखकर लाइसेंस प्राप्त करेंगे।’’
केरल मोटर वाहन विभाग ने 4 अप्रैल, 2024 को ड्राइविंग लाइसेंस परीक्षण की शर्तों में संशोधन करते हुए एक परिपत्र जारी किया था।
परिपत्र के अनुसार, आवेदक को कई ड्राइविंग चुनौतियों से गुजरना होगा और लाइसेंस प्राप्त करने के लिए सभी चुनौतियों पर खरा उतरना होगा।
परिपत्र में व्यस्त यातायात वाली सड़क पर परीक्षण करना और 'एच' परीक्षण करने से पहले कोणीय पार्किंग, समानांतर पार्किंग, जिग-जैग ड्राइविंग और ढलान पर परीक्षण करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अनुसार प्रतिदिन केवल 30 ड्राइविंग परीक्षण, 20 नए और पहले के असफल बैच के 10 परीक्षण करने का प्रावधान किया गया है।
परिपत्र के अनुसार, दोपहिया ड्राइविंग लाइसेंस के लिए, केवल 95 सीसी से ऊपर क्षमता वाली ऐसी मोटरसाइकिल की अनुमति होगी जिनके गियर पैडल पैरों की तरफ हैं। इसी तरह चार पहिया वाहन चालन परीक्षण के लिए, किसी भी इलेक्ट्रिक कार या स्वचालित गियर वाली कार की अनुमति नहीं होगी।
इसके तहत ड्राइविंग प्रशिक्षक को परीक्षण को कैमरे में रिकॉर्ड करना है और मेमोरी कार्ड मोटर वाहन निरीक्षक को देना है।
ये आंकड़े इसके बाद एमवीडी सिस्टम में भेजे जाएंगे और मालिक को अगले तीन महीने तक मेमोरी कार्ड को सुरक्षित रखना है।
परिपत्र में यह भी अनिवार्य किया गया है कि 15 वर्ष से अधिक पुराने किसी भी वाहन का उपयोग ड्राइविंग परीक्षण के लिए नहीं किया जाए।
भाषा