करुवन्नूर सहकारी बैंक मामला: ईडी ने आरोपपत्र में माकपा को आरोपी बनाया
प्रशांत माधव
- 26 May 2025, 09:46 PM
- Updated: 09:46 PM
कोच्चि/तिरुवनंतपुरम, 26 मई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय ने करुवन्नूर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक घोटाला मामले में दायर एक नए आरोपपत्र में केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) को आरोपी बनाया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
वहीं माकपा ने ईडी के आरोप पत्र को “राजनीति से प्रेरित” करार देते हुए कहा कि इस मामले से कानूनी व राजनीतिक दोनों तरह से लड़ने का संकल्प व्यक्त किया।
यह मात्र दूसरा मामला है, जिसमें संघीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत किसी राजनीतिक संगठन को आरोपी बनाया है। पिछले वर्ष, उसने आम आदमी पार्टी (आप) को शराब “घोटाला” मामले में आरोपी बनाया था। आप उस समय दिल्ली में सत्ताधारी पार्टी थी।
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने इस मामले में दायर अपने पहले पूरक आरोपपत्र में कुल 28 संस्थाओं और व्यक्तियों को नामजद किया है और जिन लोगों पर आरोप लगाया गया है उनमें माकपा, इसके सांसद के राधाकृष्णन, पार्टी विधायक एसी मोइदीन और अन्य शामिल हैं।
माकपा का नाम त्रिशूर जिला समिति के पार्टी सचिव के माध्यम से शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि अभियोजन पक्ष की शिकायत सोमवार को कोच्चि स्थित विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष दायर की गई। आरोपपत्र धन शोधन निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दायर किया गया है, जिसमें धारा 70 (कंपनियों द्वारा किए गए अपराध और इसके प्रवर्तकों का दायित्व) भी शामिल है।
ईडी द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में आरोपपत्र दायर करने के तुरंत बाद, माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने केंद्रीय एजेंसी पर पार्टी की छवि को “धूमिल” करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “लेकिन राज्य के लोग केंद्रीय एजेंसी की असली मंशा को समझेंगे। यह जानबूझकर किया गया राजनीतिक षड्यंत्र है, ताकि यह दुष्प्रचार किया जा सके कि इस मामले में माकपा के प्रमुख नेता आरोपी हैं।”
सूत्रों ने बताया कि इस आरोप-पत्र के साथ ही इस मामले में आरोपियों की कुल संख्या करीब 83 हो गई है। 2023 में दाखिल पहले आरोप-पत्र में 55 आरोपी थे।
धन शोधन की जांच जुलाई 2021 में केरल पुलिस की अपराध शाखा द्वारा त्रिशूर में दर्ज कम से कम 16 प्राथमिकियों से शुरू हुई है, जिनमें माकपा नियंत्रित बैंक में 150 करोड़ रुपये की कथित धन अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने दावा किया है कि इस मामले में कुल अपराध करीब 300 करोड़ रुपये का हुआ है।
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