तमिलनाडु के मंत्री पोनमुडी ने अपनी ‘अनुचित टिप्पणी’ के लिए माफी मांगी
आशीष पवनेश
- 12 Apr 2025, 10:01 PM
- Updated: 10:01 PM
चेन्नई, 12 अप्रैल (भाषा) महिलाओं और शैव एवं वैष्णव ‘प्रतीकों’ पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर विवाद खड़ा करने वाले तमिलनाडु के वन मंत्री के पोनमुडी ने शनिवार को कहा कि वह अपनी ‘अनुचित टिप्पणी’ के लिए माफी मांगते हैं।
पोनमुडी को उनकी आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में पार्टी के उप महासचिव पद से हटा दिया गया था। पोनमुडी ने कहा कि वह टी पेरियार द्रविड़ कषगम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते समय इस्तेमाल किए गए ‘अनुचित शब्दों’ के लिए ईमानदारी से माफी मांगते हैं।
उन्होंने बयान में कहा, ‘‘मैंने अनुचित संदर्भ में जो शब्द इस्तेमाल किए, उनके लिए मुझे तुरंत बड़ा पछतावा हुआ। एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में रहा है, मुझे निर्णय में इस चूक के लिए गहरा खेद है।’’
पोनमुडी ने कहा, ‘‘मुझे खेद है कि मेरे भाषण से कई लोगों को ठेस पहुंची और उनके लिए असहज स्थिति पैदा हुई। मैं एक बार फिर उन सभी से दिल से माफी मांगता हूं, जिन्हें मेरे शब्दों से ठेस पहुंची है।’’
पोनमुडी के भाषण का वीडियो सामने आने के बाद द्रमुक अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने 11 अप्रैल को पोनमुडी को पार्टी के उप महासचिव पद से हटा दिया और उनकी जगह पार्टी के राज्यसभा सदस्य तिरुचि शिवा को नियुक्त कर दिया।
पोनमुडी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विश्व हिंदू परिषद उत्तर तमिलनाडु ने उन्हें राज्य मंत्रिमंडल से तत्काल हटाने की मांग की।
पोनमुडी की ‘‘अपमानजनक’’ टिप्पणी की निंदा करते हुए विहिप उत्तर तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष अंडाल पी चोकलिंगम ने कहा कि छह अप्रैल को द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के एक कार्यक्रम में मंत्री ने हिंदू प्रतीकों को नीचा दिखाने के लिए घटिया और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे कोई भी नागरिक संगठन बर्दाश्त नहीं कर सकता।
चोकलिंगम ने कहा, ‘‘तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और अगर वह धर्मनिरपेक्षता के अपने सिद्धांतों पर कायम हैं, तो उन्हें पोनमुडी को तुरंत मंत्री पद से हटा देना चाहिए।’’
चोकलिंगम ने यहां एक बयान में कहा कि पोनमुडी को मंत्री पद पर बने रहने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और उन्हें द्रमुक के उप महासचिव पद से हटाना केवल ‘‘दिखावा’’ है। उन्होंने घोषणा की कि विहिप इस मांग के समर्थन में 15 अप्रैल को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी।
ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव के पलानीस्वामी ने कहा कि मंत्री पोनमुडी ने बेहद निचले स्तर की टिप्पणी की। अन्नाद्रमुक नेता ने एक बयान में कहा कि इस तरह के ‘‘अशोभनीय कृत्य’’ द्रमुक के इतिहास का हिस्सा बन गए हैं, लेकिन तमिलनाडु के लोग इस तरह के ‘‘घृणित और विकृत विचारों’’ को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
पलानीस्वामी ने कहा कि पोनमुडी के अपमानजनक भाषण से लोग बहुत आहत हुए हैं। उन्होंने घोषणा की कि उनकी पार्टी की महिला शाखा 16 अप्रैल को यहां विरोध प्रदर्शन करेगी और महिलाओं के खिलाफ कथित अश्लील और अपमानजनक टिप्पणी के लिए तमिलनाडु के वन मंत्री की निंदा करेगी।
दक्षिणपंथी संगठन ‘हिंदू मुन्नानी’ के प्रदेश अध्यक्ष कादेश्वर सुब्रमण्यम ने भी पोनमुडी को मंत्री पद से हटाने की मांग को लेकर 15 अप्रैल को राज्यव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है।
भाषा आशीष