दिल्ली में प्रचार अभियान से कथित दूरी पर भाजपा ने साधा राहुल पर निशाना
ब्रजेन्द्र माधव दिलीप
- 27 Jan 2025, 10:24 PM
- Updated: 10:24 PM
नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार से दूरी बनाए रखने की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को उन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने दूसरों को 'बचाने' के लिए अपनी पार्टी खत्म करने का फैसला कर लिया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान दिल्ली विधानसभा चुनाव से राहुल गांधी की कथित दूरी को 'किस-मिस' की कहानी बताया।
उन्होंने पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रचार से पार्टी के वरिष्ठ नेता की अनुपस्थिति के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, "यदि राहुल गांधी करेंगे ‘आप' को 'किस', तो कैसे नहीं करेंगे आप' के खिलाफ हो रहे कैम्पेन को मिस’। यह राहुल गांधी की किस-मिस की कहानी है।"
भाजपा नेता ने कहा कि अगर राहुल गांधी पर्दे के पीछे आम आदमी पार्टी (आप) को 'चूमते' हैं, तो स्वाभाविक रूप से उनके कांग्रेस की सभी रैलियों में शामिल नहीं होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर दिल्ली में अपनी पार्टी के प्रचार कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहे और वह रविवार को गणतंत्र दिवस परेड में भी नहीं दिखे, लेकिन सोमवार को इंदौर के महू में 'जय भीम, जय संविधान' रैली में शामिल हुए।
पात्रा ने कहा, ''राहुल गांधी ने दूसरों को बचाने के लिए कांग्रेस को खत्म करने का फैसला कर लिया है।"
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल इस महीने की शुरुआत में दिल्ली के मादीपुर और सदर बाजार निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी की रैलियों में शामिल नहीं हो सके थे, क्योंकि वह अस्वस्थ थे।
भाजपा सूत्रों ने कहा कि 25 साल के अंतराल के बाद दिल्ली में सत्ता में वापसी करने की पार्टी की रणनीति की सफलता कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी निर्भर करती है, जिसने सभी 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं।
पार्टी की दिल्ली इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस के पक्ष में लगभग 14-15 वोट प्रतिशत आप को हराने में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
भाजपा नेता ने कहा, ''लेकिन परिदृश्य अलग हो सकता है, यदि कांग्रेस जानबूझकर अपने अभियान को धीमा करके पर्याप्त वोट हासिल करने में विफल रहती है । यह दिख भी रहा है, क्योंकि अब तक राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सड़कों पर नहीं उतरे हैं।"
आप ने 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा दोनों को हराकर क्रमश: 70 में से 67 और 62 सीट जीती थीं। कांग्रेस को दोनों मौकों पर एक भी सीट नहीं मिली।
भाजपा ने 2015 और 2020 में क्रमशः तीन और आठ सीट पर जीत हासिल की। आप का वोट प्रतिशत 2015 और 2020 में क्रमश: 54.6 और 53.6 था, जबकि भाजपा दो मौकों पर 32.8 प्रतिशत और 38.5 प्रतिशत वोट हासिल करने में सफल रही।
साल 2015 में कांग्रेस को 9.7 प्रतिशत वोट मिला था, लेकिन 2020 में यह और गिरकर 4.3 प्रतिशत हो गया।
दिल्ली में 5 फरवरी को मतदान होना है, जिसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।
भाषा ब्रजेन्द्र माधव