जयशंकर ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो से मुलाकात की
नोमान माधव
- 24 Jan 2025, 09:36 PM
- Updated: 09:36 PM
नयी दिल्ली, 24 जनवरी (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो का गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होना भारत और इंडोनेशिया के बीच प्रगाढ़ मित्रता का उपयुक्त उत्सव होगा।
जयशंकर ने सुबियांतो से मुलाकात के बाद यह टिप्पणी की।
इंडोनेशियाई राष्ट्रपति तीन दिवसीय यात्रा पर बृहस्पतिवार रात यहां पहुंचे। वह रविवार को कर्तव्य पथ पर भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा, “इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत की राजकीय यात्रा के आरंभ में उनसे मुलाकात कर प्रसन्नता हुई।”
विदेश मंत्री ने कहा, “हमारे बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों के विकास के लिए उनके मार्गदर्शन और सकारात्मक भावनाओं की सराहना करता हूं। भारत के 76वें गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति सबियांतो की भागीदारी हमारी प्रिय मित्रता का उपयुक्त उत्सव होगा।"
इंडोनेशियाई नेता शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ व्यापक मुद्दों पर बातचीत करेंगे।
मामले से परिचित लोगों ने बताया कि वार्ता में रक्षा एवं सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, स्वास्थ्य सेवा, ऊर्जा, संपर्क, पर्यटन और लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस यात्रा के दौरान कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
राष्ट्राध्यक्ष के रूप में यह सुबियांटो की पहली भारत यात्रा है।
वह भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति होंगे। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे।
इंडोनेशिया से 352 सदस्यीय मार्चिंग और बैंड दस्ता यहां कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेगा। यह पहली बार होगा कि इंडोनेशियाई मार्चिंग और बैंड दस्ता विदेश में राष्ट्रीय दिवस परेड में भाग लेगा।
पिछले कुछ वर्षों में भारत-इंडोनेशिया संबंधों में मजबूती आई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2018 में इंडोनेशिया की यात्रा की थी, जिस दौरान भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-इंडोनेशिया समुद्री सहयोग के साझा दृष्टिकोण को भी अपनाया गया।
भारत और इंडोनेशिया एक सहस्राब्दी से अधिक पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंधों के साथ घनिष्ठ समुद्री पड़ोसी हैं।
यह आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों का संगठन) क्षेत्र में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है। 2023 में भारत-इंडोनेशिया व्यापार 29.4 अरब अमरीकी डॉलर रहा था।
इंडोनेशिया में बुनियादी ढांचे, बिजली, कपड़ा, इस्पात, ऑटोमोटिव, खनन, बैंकिंग और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्रों में भारतीय निवेश 1.56 अरब अमेरिकी डॉलर है।
साल 2018 में रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर के बाद द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा संबंधों में भी लगातार विस्तार हुआ है।
इंडोनेशिया में भारतीय मूल के लगभग 1.5 लाख लोग रहते हैं, जिनके पूर्वज 19वीं और 20वीं शताब्दी में उस देश में बस गए थे।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इंडोनेशिया में लगभग 14,000 भारतीय नागरिक (एनआरआई) रहते हैं, जिनमें उद्यमी, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, आईटी पेशेवर, सलाहकार और बैंकर शामिल हैं।
भाषा नोमान