आंध्र प्रदेश में पेंशन वितरण कार्यों में स्वंयसेवकों पर रोक लगाने से मचा सियासी बवाल
जितेंद्र शोभना
- 04 Apr 2024, 01:13 PM
- Updated: 01:13 PM
अमरावती (आंध्र प्रदेश), चार अप्रैल (भाषा) निर्वाचन आयोग ने हाल ही में एक आदेश जारी कर आंध्र प्रदेश सरकार से जुड़े स्वयंसेवकों पर चुनाव कर्तव्यों का पालन करने और कल्याणकारी योजनाओं का संचालन करने पर रोक लगा दी, जिसको लेकर सत्तारूढ़ युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) और विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच विवाद छिड़ गया है।
राजग में तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना शामिल है।
वाईएसआरसीपी सरकार ने 2019 में विकेंद्रीकृत शासन वितरण तंत्र के तहत एक वार्ड और ग्राम स्वयंसेवक प्रणाली शुरू की थी। इस प्रणाली के अंतर्गत एक स्वयंसेवक को लाभार्थी को उसके घर पर जाकर कल्याणकारी पेंशन प्रदान करनी होती है और उसके दायरे में 50 से 60 घर आते हैं।
निर्वाचन आयोग ने 30 मार्च को स्वयंसेवकों को सरकारी योजनाएं, कल्याणकारी लाभों और अन्य संबंधित सेवाएं प्रदान करने से प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए, जिससे मासिक पेंशन वितरण प्रक्रिया रुक गयी, जो एक अप्रैल को शुरू होनी थी।
मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अन्नामय्या जिले में चुनाव प्रचार करते हुए एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ''मुझे उम्मीद है कि आपने देखा होगा कि चंद्रबाबू (नायडू) किस हद तक गिर गए हैं। उन्होंने अपने सहयोगियों के जरिये निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई कि वे स्वयंसेवकों को एक अप्रैल से घर तक पेंशन पहुंचाने से रोकने के आदेश जारी करें।''
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि लाखों लाभार्थी पीड़ा से गुजर रहे हैं, जिनमें बुजुर्ग, विशेष रूप से दिव्यांग, विधवाएं और ऐसे लोग शामिल हैं, जो अपना पेट नहीं भर सके क्योंकि उन्हें महीने के पहले दिन अपनी पेंशन नहीं मिली।
वहीं रेड्डी के आरोपों से इनकार करते हुए तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि तेदेपा ने न तो पेंशन वितरण पर आपत्ति जताई और न ही निर्वाचन आयोग से उसे रोकने के आदेश जारी करने की शिकायत की।
नायडू ने मंगलवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पेंशन को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद जारी है।जैसे ही हम सत्ता में आएंगे, हम पेंशन को बढ़ाकर चार हजार रुपये कर देंगे और उन्हें घर तक पहुंचाएंगे.....।''
निर्वाचन आयोग के आदेश जारी होने के तुरंत बाद नायडू ने पेंशन वितरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए आंध्र प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और मुख्य सचिव को पत्र लिखा।
प्रधान सचिव के अनुसार, कुल 14,994 में से 13,699 वार्ड और ग्राम सचिवालयों ने पहले ही पेंशन वितरित करने की कवायद शुरू कर दी है और बुधवार को 25 लाख से अधिक लाभार्थियों को उनकी पेंशन प्राप्त हुई।
अधिकारी के मुताबिक, गर्मी के दिनों को देखते हुए जिलाधिकारियों को बृहस्पतिवार सुबह सात बजे से ही पेंशन वितरण शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
भाषा जितेंद्र