उप्र : फतेहपुर में नूरी मस्जिद का अवैध निर्माण ढहाया गया
सं राजेंद्र सलीम नोमान
- 10 Dec 2024, 06:57 PM
- Updated: 06:57 PM
फतेहपुर (उप्र), 10 दिसंबर (भाषा) जिले के ललौली कस्बे की नूरी मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को प्रशासन ने मंगलवार को ढहा दिया।
बांदा-बहराइच राजमार्ग संख्या-13 के चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग ने मस्जिद के अवैध निर्माण वाले कुछ हिस्से को हटाने के संबंध में नोटिस दिया था, लेकिन मस्जिद प्रबंधन समिति द्वारा अवैध निर्माण नहीं ढहाया गया था।
फतेहपुर के अपर जिलाधिकारी (राजस्व एवं वित्त) अविनाश त्रिपाठी ने कहा, ''मस्जिद में कुछ साल पहले हुए अवैध निर्माण को ढहाया गया है, उसके मूल ढांचे को छुआ तक नहीं गया। लोक निर्माण विभाग ने इसके पहले मस्जिद प्रबंधन समिति को नोटिस दिया था।''
उन्होंने कहा कि नूरी मस्जिद में दो-तीन साल पहले हुए अवैध को लोक निर्माण विभाग ने चिन्हीकरण करने के बाद ढहा दिया है। उनके मुताबिक, लोक निर्माण विभाग ने 17 अगस्त 2024 को मस्जिद प्रबंधन समिति को नोटिस दिया था और 24 सितंबर को आम सहमति से बहराइच-बांदा राजमार्ग संख्या-13 के विस्तारीकरण के लिये अतिक्रमण हटाया गया, लेकिन मस्जिद प्रबंधन ने स्वतः अतिक्रमण नहीं हटाया, लिहाजा मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में अवैध निर्माण को हटाया गया।
ललौली थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) वृन्दावन राय ने मंगलवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि बांदा-बहराइच राजमार्ग संख्या-13 के चौड़ीकरण में बाधा बन रहे नूरी मस्जिद के करीब 20 मीटर हिस्से को अधिकारियों की मौजूदगी में मंगलवार को बुलडोजर से ढहा दिया गया और अब उसका मलबा हटाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘कानून व्यवस्था बरकरार है। मस्जिद के इर्द-गिर्द करीब 200 मीटर के दायरे की सभी दुकानें बंद करवा दी गई हैं और चारों तरफ 300 मीटर के दायरे को सील कर दिया गया है। इस समय ललौली कस्बा पुलिस छावनी बना हुआ है।’’
एसएचओ ने बताया कि ललौली कस्बे के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात हैं तथा कस्बे में शांति व्यवस्था कायम है।
राय ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाए जाने के लिए 17 अगस्त 2024 को एक नोटिस मस्जिद प्रबंधन समिति को दिया था, लेकिन मस्जिद प्रबंधन द्वारा इस पर अमल नहीं किया गया।
इस बीच, नूरी मस्जिद प्रबंधन समिति के मुतवल्ली (प्रबंधक) मोहम्मद मोईन खान उर्फ बबलू खान ने बताया कि मस्जिद का एक भी हिस्सा ना ढहाए जाने को लेकर उनके अधिवक्ता सैयद अजीमुद्दीन ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दाखिल की है, जिस पर 12 दिसंबर को सुनवाई होनी है।
उन्होंने बताया कि ललौली की नूरी मस्जिद का निर्माण 1839 में हुआ था और यहां सड़क का निर्माण 1956 में हुआ, फिर भी लोक निर्माण विभाग मस्जिद के कुछ हिस्से को अवैध बता रहा है।
भाषा सं राजेंद्र सलीम