किसानों के मार्च से पहले पुलिस के बैरिकेड लगाने की वजह से दिल्ली-नोएडा सीमा पर भारी यातायात जाम
अमित दिलीप
- 02 Dec 2024, 07:20 PM
- Updated: 07:20 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, दो दिसंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की ओर किसानों के विरोध मार्च के मद्देनजर पुलिस द्वारा कई बैरिकेड लगाने और भारी सुरक्षा तैनाती के चलते सोमवार को दिल्ली-नोएडा सीमा पार करने वाले यात्रियों को भारी यातायात जाम का सामना करना पड़ा।
किसान दादरी-नोएडा लिंक रोड पर महामाया फ्लाईओवर पर एकत्र हुए और सरकार द्वारा अधिग्रहीत उनकी जमीनों के लिए भूमि आवंटन और बढ़े हुए मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे अपना मार्च शुरू किया। विरोध प्रदर्शन का आह्वान भारतीय किसान परिषद (बीकेपी) ने किया था।
बीकेपी के अनुसार, अलीगढ़ और आगरा सहित उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के किसानों ने मार्च में हिस्सा लिया।
विभिन्न किसान समूहों के बैनर और झंडे लेकर सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने नोएडा पुलिस द्वारा लगाए गए शुरुआती बैरिकेड को पार कर लिया। कुछ लोग बैरिकेड पर चढ़ गए, जबकि अन्य ने उन्हें धक्का दिया।
आखिरकार पुलिस ने उन्हें दिल्ली के एक प्रवेश बिंदु चिल्ला बॉर्डर से करीब एक किलोमीटर दूर नोएडा लिंक रोड पर दलित प्रेरणा स्थल के पास रोक दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी किसानों को शांत करने की कोशिश की।
किसानों के विरोध प्रदर्शन और पुलिस की जांच के कारण चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी फ्लाईवे, दिल्ली गेट और कालिंदी कुंज से गुजरने वाले यात्रियों को घंटों भारी जाम का सामना करना पड़ा।
ग्रेटर नोएडा की निवासी अपराजिता सिंह ने कहा कि चिल्ला बॉर्डर पर लगाए गए बैरिकेड से यात्रियों को असुविधा हुई। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उस हिस्से से गुजरने में लगभग एक घंटा लग गया। पुलिस ने दिल्ली-नोएडा सीमा के दोनों ओर बैरिकेड लगाये हैं, जिससे यातायात जाम लग गया, खासकर नोएडा से दिल्ली की ओर जाने वाले मार्ग पर।’’
नोएडा के एक अन्य यात्री अमित ठाकुर ने कहा कि उन्होंने काम पर जाने के लिए अपनी कार के बजाय मेट्रो का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने मध्य दिल्ली में अपने कार्यालय जाने से पहले यातायात की स्थिति पता की, तो चिल्ला सीमा के पास जाम दिखा, जिससे यात्रा समय एक घंटा बढ़ गया। इसलिए, मैंने मेट्रो से जाने का फैसला किया।’’
रविवार को नोएडा पुलिस ने यातायात परामर्श जारी करके यात्रियों को मार्ग बंद होने और मार्ग परिवर्तन के बारे में जानकारी दी।
दिल्ली पुलिस ने भी नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला सीमा पर, डीएनडी फ्लाईवे और कालिंदी कुंज सीमा पर कई बैरिकेड लगाए थे और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा पर जांच की जा रही है और निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पूर्व) सागर सिंह कलसी ने कहा, ‘‘हमने पूर्वी दिल्ली की सीमाओं पर पर्याप्त व्यवस्था की है और दंगा-रोधी उपकरणों सहित सभी एहतियाती कदम उठाए हैं। हम निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और इलाके में वाहनों की सुचारू आवाजाही के लिए यातायात पुलिस के साथ समन्वय भी कर रहे हैं।’’
संयुक्त पुलिस आयुक्त (दक्षिणी रेंज) एस.के. जैन ने कहा कि पुलिस नोएडा पुलिस के साथ भी समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण-पूर्वी जिले में हमारी दो प्रमुख सीमाएं हैं - डीएनडी सीमा और कालिंदी कुंज। चूंकि नयी दिल्ली क्षेत्र में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 लागू है और संसद सत्र भी चल रहा है, इसलिए बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन सख्त वर्जित है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसे प्रबंधित करने के लिए, हमने दोनों सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी है। उचित बैरिकेड, अवरोधक और हाइड्रा क्रेन तैनात किए गए हैं। हम उन लोगों को रोकेंगे, जो शहर में जबरदस्ती घुसने की कोशिश करेंगे।’’
जैन ने कहा कि फिलहाल राज्य की सीमा पर स्थिति सामान्य है।
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के नेतृत्व में पंजाब के किसानों के एक समूह ने छह दिसंबर को दिल्ली की ओर मार्च का आह्वान किया है। यह समूह 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा पर डेरा डाले हुए है।
भाषा अमित