महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में रिजर्व बैंक के गवर्नर दास, उद्योग जगत के दिग्गजों ने किया मतदान
अनुराग अजय
- 20 Nov 2024, 07:27 PM
- Updated: 07:27 PM
(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, 20 नवंबर (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकान्त दास और अंबानी परिवार समेत उद्योग जगत के दिग्गजों ने बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए यहां देश की वित्तीय राजधानी में मतदान किया।
दास ने अपनी पत्नी के साथ दक्षिण मुंबई स्थित अपने सरकारी आवास के निकट एक मतदान केंद्र पर मताधिकार का इस्तेमाल किया। उन्होंने चुनाव अधिकारियों को उनके द्वारा किए गए प्रबंधों के लिए बधाई दी।
सबसे अमीर भारतीय मुकेश अंबानी की अगुवाई में उनका परिवार भी बाद में उसी केंद्र पर मतदान करने आया। अंबानी परिवार आरबीआई गवर्नर के आधिकारिक बंगले के करीब रहता है।
अंबानी के साथ उनके पुत्र आकाश और अनंत तथा पुत्रवधू श्लोका भी मतदान केंद्र पर मौजूद थीं। अंबानी की पत्नी नीता और बेटी ईशा शाम को अलग-अलग मतदान करने आईं।
एचडीएफसी के पूर्व चेयरमैन दीपक पारेख ने भी दक्षिण मुंबई के एक मतदान केंद्र पर मत डाला और सभी से मतदान करने की अपील की।
लंबे समय से पारेख के साथ काम कर रहे केकी मिस्त्री ने भी पास के एक अन्य बूथ पर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मिस्त्री एचडीएफसी के वाइस-चेयरमैन और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
शाम पांच बजे तक शहर और उपनगरीय क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत लगभग 50 प्रतिशत रहा, जबकि पूरे राज्य में 58 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ।
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने भी दक्षिण मुंबई में अपना वोट डाला और मतदान को एक विशेषाधिकार बताया जिसका प्रयोग हर किसी को करना चाहिए।
उद्योगपति अजय पीरामल ने भी अपनी पत्नी स्वाति के साथ मुंबई में अपने आवास के पास मतदान किया। बाहर निकलने के बाद, पीरामल ने सभी मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया।
स्वाति पीरामल ने कहा कि नई सरकार को बच्चों, महिलाओं के मुद्दों और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।
आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमारमंगलम बिड़ला की पत्नी नीरजा ने भी दक्षिण मुंबई में स्थित अपने परिवार के आवास के निकट केंद्र पर मतदान किया।
कपड़ा और रियल्टी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रेमंड के गौतम सिंघानिया और निर्माण-केंद्रित एचसीसी के अजीत गुलाबचंद तथा उद्योग जगत से जुड़े अन्य लोगों ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
भाषा अनुराग