दिल्ली में 40 फुट गहरे बोरवेल में गिरे व्यक्ति की मौत, शव बाहर निकाला गया
रवि कांत रंजन
- 10 Mar 2024, 09:28 PM
- Updated: 09:28 PM
(फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 10 मार्च (भाषा) दिल्ली जल बोर्ड के एक जलशोधन संयंत्र में 40 फुट गहरे बोरवेल में गिरे व्यक्ति को बाहर निकालने के लिये लगभग 14 घंटे तक बचाव अभियान चलाये जाने के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और रविवार को व्यक्ति का शव बोरवेल से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
मृत व्यक्ति की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। सूत्रों ने बताया कि बोरवेल एक बंद कमरे में था और वह जगह वीरान पड़ी हुई थी।
दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए घटनास्थल का दौरा किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस हादसे को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए इसे शर्मनाक बताया और मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग की।
आतिशी ने बाद में दिल्ली के मुख्य सचिव को समयबद्ध जांच करने और घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ कड़ी और अनुकरणीय कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया कि सभी खुले छोड़े गए बोरवेल, सरकारी और निजी, को तुरंत वेल्डिंग और सील किया जाए।
पश्चिमी दिल्ली के केशोपुर मंडी इलाके में शनिवार देर रात करीब एक बजे सूचना मिली कि दिल्ली जल बोर्ड के जलशोधन संयंत्र के बोरवेल में एक व्यक्ति गिर गया है। इसके बाद व्यक्ति को बचाने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) की टीम के नेतृत्व में एक अभियान चलाया गया।
बचाव अभियान के तहत, एनडीआरएफ ने उस बोरवेल के समानांतर एक और कुआं खोदा था जिसमें व्यक्ति गिरा था।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति को बोरवेल से मृत अवस्था में बाहर निकाला गया।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि उसकी उम्र 25 से 35 साल के बीच थी। उसकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।’’
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, बोरवेल एक बंद कमरे के अंदर था। इसलिए जो भी बोरवेल रूम में दाखिल हुआ, वह ताला और दरवाजा तोड़कर ही अंदर गया होगा।
अधिकारियों ने कहा कि इस घटना में किसी प्रकार की गड़बड़ी की भी आशंका है क्योंकि किसी वयस्क के लिए 12 इंच व्यास वाले बोरवेल में गिरना आसान नहीं है।
एक अधिकारी ने कहा, ‘‘इसलिए हो सकता है कि व्यक्ति को अंदर धकेल दिया गया हो। ’’
हालांकि, पुलिस ने घटना में किसी साजिश के बारे में कुछ नहीं कहा है।
आतिशी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुझे बेहद दुख के साथ यह खबर साझा करनी पड़ रही है कि बोरवेल में गिरे व्यक्ति को बचाव दल ने मृत पाया है। वह बोरवेल रूम में कैसे घुसा, बोरवेल के अंदर कैसे गिरा- इसकी जांच पुलिस करेगी। मैं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को धन्यवाद देती हूं, जिन्होंने कई घंटों तक चले बचाव अभियान में व्यक्ति को बचाने का हर संभव प्रयास किया।’’
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में व्यक्ति की मौत की खबर साझा की और बचाव अभियान चलाने के लिए एनडीआरएफ का आभार जताया।
केजरीवाल ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बेहद दुखद समाचार मिला कि बोरवेल में गिरा व्यक्ति मृत पाया गया। उसकी आत्मा को शांति मिले। मैं एनडीआरएफ को धन्यवाद देना चाहता हूं जिनकी टीम ने 14 घंटे लंबे अभियान के दौरान हर संभव प्रयास किया। एनडीआरएफ ने हर मुश्किल वक्त में दिल्ली के लोगों का साथ दिया है।’’
इससे पहले दिन में उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड को घटना की जांच करने का निर्देश दिया गया है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी और निजी सभी छोड़े गए बोरवेलों को 48 घंटे के भीतर सील कर दिया जाएगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इस घटना को लेकर कहा, ‘‘ दिल्ली जल बोर्ड परिसर में स्थित बोरवेल में गिरकर एक व्यक्ति की मृत्यु दुखद है। केशोपुर और अलीपुर में जल बोर्ड की लापरवाही से हुए हादसों के लिए केजरीवाल सरकार को मुआवजा देना चाहिए। ’’
सचदेवा ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘ अरविंद केजरीवाल और आतिशी का ट्वीट करना कि बोरवेल रूम सुरक्षित है, उनकी सरकार और जल बोर्ड के अधिकारियों को बचाने की घृणित साजिश है। केजरीवाल सरकार लगातार जल बोर्ड के घोटालों को ही नहीं बल्कि दुर्घटनाओं को भी दबाती रहती है क्योंकि बोर्ड में होने वाले कुकर्मों में वह बराबर की भागीदार है।’’
भाषा रवि कांत