देशभर में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई दिवाली, दिल्ली में पटाखों पर रोक का उल्लंघन
धीरज देवेंद्र
- 31 Oct 2024, 11:26 PM
- Updated: 11:26 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) देशभर में बृहस्पतिवार को दिवाली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया और इस अवसर पर रंग-बिरंगी रोशनी से इमारतों एवं घरों को सजाया गया तथा दीये जलाये गए।
राष्ट्रीय राजधानी में दिल्लीवासियों ने पटाखों पर लगी रोक का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर आतिशबाजी की। शहर की वायु गुणवत्ता रात नौ बजे 327 एक्यूआई के साथ ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सैनिकों के साथ यह त्योहार मनाने की परंपरा जारी रखते हुए भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट, गुजरात के कच्छ जिले में सर क्रीक का दौरा किया और जवानों को मिठाई खिलाई।
इस अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत अपनी सीमा की एक ‘‘इंच’’ जमीन से भी समझौता नहीं कर सकता और लोगों को देश की रक्षा के लिए अपनी सेना की ताकत पर विश्वास है।
मोदी ने कहा, ‘‘अतीत में इस क्षेत्र को युद्धक्षेत्र में बदलने के प्रयास किए गए। दुश्मन लंबे समय से इस क्षेत्र पर नजर गड़ाए हुए है। लेकिन हमें चिंता नहीं है, क्योंकि आप देश की रक्षा कर रहे हैं। हमारे दुश्मन भी इसे अच्छी तरह जानते हैं।’’
मोदी ने सीमा सुरक्षा बल, सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भारत के लोगों को लगता है कि उनका देश आपके कारण सुरक्षित है, दुनिया जब आपको देखती है, तो उसे भारत की ताकत दिखाई देती है और जब दुश्मन आपको देखता है, तो उसे बुरे मंसूबों का अंत दिखाई देता है। जब आप जोश में दहाड़ते हैं, तो आतंक के आका कांप जाते हैं।’’
मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी अलग-अलग मुलाकात की और उन्हें दिवाली की शुभकामनाएं दीं।
पारंपरिक परिधान पहने लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं, मिठाइयां और उपहार दिए तथा मंदिरों में दर्शन किए।
सूत्रों ने बताया कि भारत और चीन के सैनिकों ने दिवाली के अवसर पर बृहस्पतिवार को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) समेत कई सीमा स्थलों पर मिठाइयों का आदान-प्रदान किया।
उन्होंने बताया कि मिठाइयों का यह आदान-प्रदान एलएसी- अरुणाचल प्रदेश में बुम ला और वाचा/किबिथु, लद्दाख में चुशुल-मोल्डो और दौलत बेग ओल्डी और सिक्किम में नाथू ला, के सभी पांच ‘बॉर्डर पर्सनल मीटिंग’ (बीपीएम) स्थलों पर हुआ।
आंध्र प्रदेश के एलुरु शहर में एक व्यक्ति की दोपहिया वाहन पर रखे पटाखों में विस्फोट होने से उसकी मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के वनटांगिया गांव में वनवासियों के साथ दिवाली मनाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषाई आधार पर बांटने वाले लोगों में ‘‘रावण और दुर्योधन का डीएनए’’ है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी शांति भंग करने या महिलाओं के खिलाफ अपराध करने का प्रयास करेगा, उससे सख्ती से निपटा जाएगा।
उन्होंने राज्य की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार पर परोक्ष हमला करते हुए कहा, ‘‘अगर हम ऐसी ताकतों के बहकावे में आ गए और उन्हें मौका दिया तो वे फिर वही काम करेंगे... वे बेटियों और बहनों की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं, गरीबों की जमीन हड़पते हैं, व्यापारियों का अपहरण करते हैं, सड़क पर लोगों को गोली मारते हैं और त्योहारों से पहले दंगे भड़काते हैं। वर्ष 2017 से पहले ये लोग यही करते थे।’’
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के अपने दौरे पर विभिन्न ग्राम पंचायतों में 185 करोड़ रुपये की लागत वाली 74 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
राष्ट्रीय राजधानी में लोगों ने पटाखों पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए दिवाली मनाई, जिससे आसमान आतिशबाजी से जगमगा उठा।
लाजपत नगर, कालकाजी, छतरपुर, ईस्ट ऑफ कैलाश, साकेत, रोहिणी, द्वारका, पंजाबी बाग,विकास पुरी, दिलशाद गार्डर, बुराड़ी और पूर्वी एवं पश्चिमी दिल्ली के अन्य इलाकों में बड़े पैमाने पर पटाखे जलते हुए देखे गए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के समीर ऐप द्वारा घंटावार जारी राष्ट्रीय एक्यूआई के मुताबिक रात नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 327 दर्ज किया गया।
दिल्ली में शाम चार बजे 24 घंटे का औसत एक्यूआई 328 रहा जो दिवाली पर दिल्ली में पिछले तीन वर्षों में सबसे खराब वायु गुणवत्ता है।
पश्चिम बंगाल में काली पूजा और दिवाली हर्षोल्लास और जोश के साथ मनाई गई तथा सजाए गए काली पंडालों ने पूरे राज्य में उत्सव का माहौल बना दिया।
अदालत के पूर्व में दिए गए आदेश के मुताबिक प्रशासन ने केवल हरित पटाखों से आतिशबाजी करने की अनुमति दी। इसके मद्देनजर पुलिस और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी इस नियम का उल्लंघन रोकने के लिए सतर्कता बरत रहे हैं।
प्रसिद्ध तारापीठ, दक्षिणेश्वर, कालीघाट, थंथनिया और राज्य भर के अन्य काली मंदिरों में लंबी कतारें देखी गईं।
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए लैंसडाउन छावनी का दौरा किया। उन्होंने कहा कि वह इस अवसर पर जवानों के साथ होने पर ‘‘सौभाग्यशाली’’ महसूस कर रहे हैं।
धामी ने युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, ‘‘हम दिवाली पर अपने घरों में दीये इसलिए जला पाते हैं क्योंकि हमारे बहादुर सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने परिवारों से दूर रहते हैं।’’
धामी ने सैनिकों, शहीदों की पत्नियों और उनके बच्चों को मिठाइयां और उपहार भी बांटे।
राजस्थान में भी दिवाली का त्योहार पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया।
जयपुर सहित सभी शहरों व कस्बों के प्रमुख बाजारों में देर शाम तक चहल-पहल रही और लोग नए कपड़े, मिठाई, पटाखे और अन्य त्योहारी सामान खरीदने के लिए पहुंचते रहे।
जयपुर में बुधवार रात भी भारी यातायात जाम देखने को मिला, खासतौर पर ‘वॉल्ड सिटी’ में जहां बाजार संघों ने हर साल की तरह विशेष सजावट और रोशनी की व्यवस्था की है। किशनपोल बाजार, चौड़ा रास्ता, जौहरी बाजार और त्रिपोलिया बाजार समेत ‘वॉल्ड सिटी’ के बाजारों को रोशनी से सजाया गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य नेताओं ने लोगों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं।
एक अधिकारी ने बताया कि दिवाली के अवसर पर मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित चित्रकूट धाम में 20 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकतर समय मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित चित्रकूट में बिताया था। श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाई और दीपदान किया।
ओडिशा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दिवाली के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और राज्य को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जताई।
माझी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो संदेश में कहा,‘‘प्रकाश और खुशी के त्योहार दिवाली के अवसर पर ओडिशा के सभी भाइयों और बहनों को मेरी हार्दिक बधाई।’’
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश के लोगों को दिवाली के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज दिवाली मना रहे सभी लोगों को इस त्योहार की हार्दिक शुभकामनाएं।’’
अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि रोशनी का यह त्योहार क्षेत्र के हर घर में शांति और समृद्धि लाएगा।
तेलंगाना में भी पूरे हर्षोल्लास के साथ दिवाली मनाई गई।
तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी, केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस)के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव और अन्य नेताओं ने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
तमिलनाडु में भी बृहस्पतिवार को दीपावली का त्योहार हमेशा की तरह धूमधाम से मनाया गया। लोगों ने नये कपड़े पहने और रोशनी के त्योहार को मनाने के लिए पटाखे जलाए।
तमिलनाडु सरकार ने उच्चतम न्यायालय के 2018 के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि लोग दो घंटे पटाखे जला सकते हैं। यह समय सुबह 6 से 7 बजे के बीच और शाम 7 से 8 बजे के बीच तय किया गया है।
तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि और विपक्ष के नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी सहित विभिन्न नेताओं ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
हरियाणा और पंजाब में भी दिवाली का त्योहार बड़े उत्साह, उमंग और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र लाडवा में बाबा बंसीवाला वृद्ध आश्रम और साक्षी बालकुंज आश्रम में बुजुर्गों और बच्चों के साथ यह पर्व मनाया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी दिवाली के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने भी लोगों को शुभकामनाएं दीं।
नगालैंड में भी दिवाली पूरे उल्लास के साथ मनाई गई। दिन में लोग दीये और पटाखे खरीदते दिखे। शाम होते-होते घरों में सजावटी बल्ब, दीये और मोमबत्तियां जलाई गईं।
राज्यपाल ला गणेशन और मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं।
भाषा धीरज