द्रमुक ने मानहानि को लेकर पलानीस्वामी के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया
राजकुमार नरेश
- 25 Oct 2024, 05:10 PM
- Updated: 05:10 PM
चेन्नई, 25 अक्टूबर (भाषा) तमिलनाडु में सत्तारूढ़ दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर उस पर (पार्टी पर) कथित अपमानजनक आरोप लगाने को लेकर अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ईडाप्पडी के पलानीस्वामी से एक करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा।
न्यायमूर्ति आर एमटी टीका रमन ने इस मामले की सुनवाई अगले सप्ताह के लिए निर्धारित की है। द्रमुक की ओर से उसके संगठन सचिव आर एस भारती ने यह वाद दायर किया है।
अपने वाद में भारती ने उच्च न्यायालय से विधानसभा में विपक्ष के नेता पलानीस्वामी पर कथित मादक पदार्थ तस्कर जाफर सादिक के संबंध में द्रमुक पर कोई टिप्पणी करने और उनके खिलाफ कोई आरोप लगाने पर रोक लगाने का भी अनुरोध किया है।
भारती ने अपने वाद में कहा कि आठ मार्च, 2024 को सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट में द्रमुक शासन में अपराध दर में वृद्धि का आरोप लगाया गया था और यह भी कहा गया था कि पार्टी ने नशीले पदार्थों की तस्करी के कारण तमिलनाडु को शर्मसार किया है।
उन्होंने कहा कि इस अपमानजनक पोस्ट के माध्यम से पलानीस्वामी ने जनता से द्रमुक के कथित कुप्रशासन के खिलाफ मानव श्रृंखला प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया था।
भारती ने कहा कि इस पोस्ट के बाद पलानीस्वामी ने अगले दिन ‘एक्स’ पर दूसरा पोस्ट साझा किया तथा आरोपों को दोहराते हुए ‘मादक पदार्थ एवं द्रमुक को ना कहें’ को शामिल करने के लिए अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल का एकाउंट नाम बदल दिया।
उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी ने द्रमुक पर और आरोप लगाते हुए एक और अपमानजनक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने सीधे तौर पर सत्तारूढ़ पार्टी, उसके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन एवं उसकी युवा शाखा के सचिव, युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि का जाफर सादिक के साथ संबंध बताया । सादिक पर अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है।
द्रमुक नेता ने कहा कि पलानीस्वामी इन अपमानजनक पोस्ट के माध्यम से द्रमुक का जाफर सादिक के साथ संबंध बता रहे हैं और जनता की नजर में द्रमुक की छवि धूमिल कर रहे हैं। सादिक को एक कथित अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के सिलसिले में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने गिरफ्तार किया है।
भारती ने कहा कि एक राजनीतिक दल के तौर पर द्रमुक का सादिक से न तो कोई संबंध है और न ही उसकी कथित हरकतों से उसका कोई लेना-देना है।
उन्होंने कहा कि सादिक की गिरफ्तारी से काफी पहले ही 25 फरवरी, 2024 को उसे द्रमुक की प्रवासी भारतीय शाखा के चेन्नई पश्चिम उप समन्वयक के पद से हटा दिया गया था तथा उसके और पार्टी के बीच सभी या कथित संबंध समाप्त हो गये।
उन्होंने कहा कि उपरोक्त तथ्य की व्यापक रूप से रिपोर्ट की गयी और वह सभी के सामने आ चुका है लेकिन उसके बाद भी उसे नज़रअंदाज़ करते हुए पलानीस्वामी ने जाफर सादिक के कृत्यों को द्रमुक से जोड़ना जारी रखा है, जो अपने आप में झूठा और फर्जी है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार यह स्पष्ट है कि अपमानजनक पोस्ट में कोई दम या सच्चाई नहीं थी और उसे जल्दबाजी में प्रकाशित किया गया लेकिन सत्यता की पुष्टि करने की कोशिश नहीं की गयी।
भाषा राजकुमार