केरल में विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप, सत्तारूढ़ एलडीएफ ने किया इनकार
धीरज माधव
- 25 Oct 2024, 09:04 PM
- Updated: 09:04 PM
तिरुवनंतपुरम, 25 अक्टूबर (भाषा) केरल में मीडिया में प्रकाशित उन खबरों से राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है जिसके मुताबिक शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) के एक विधायक ने दो विधायकों को अजित पवार नीत राकांपा में शामिल होने के बदले 50-50 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।
अजित पवार नीत राकांपा इस समय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन में हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) नेता एवं विधायक थॉमस के. थॉमस राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि मीडिया की खबरों में उनपर ‘आधारहीन’ आरोप लगाए गए हैं।
खबरों के मुताबिक राकांपा विधायक एवं एलडीएफ की सहयोगी थॉमस के थॉमस ने वाम विधायकों एंटोनी राजू (जनाधितिपत्य केरल कांग्रेस) और कवूर कुंजुमन (आरएसपी-लेनिनवादी)को पैसे देने की पेशकश की थी।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) नेता एवं विधायक थॉमस के. थॉमस राज्य के सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा हैं। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि मीडिया की खबरों में उनपर ‘आधारहीन’ आरोप लगाए गए हैं।
कुट्टनाडु से विधायक थॉमस ने दावा किया कि उनपर ऐसे समय आरोप लगाए गए जब वह मंत्री बनने वाले थे और उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने वाम मोर्चे के एक अन्य विधायक एवं पूर्व मंत्री (जनाधिपत्य केरल कांग्रेस सदस्य) एंटनी राजू को इस घटनाक्रम के पीछे बताया। थॉमस ने पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने की मांग की।
राजू ने थॉमस की दलीलों को ‘बचकाना’ और ‘निराधार’ करार दिया तथा मामले की किसी भी जांच का स्वागत किया। वहीं राज्य में विपक्षी कांग्रेस ने इस मुद्दे की न्यायिक जांच की मांग की।
राजू ने कहा कि उन्होंने मीडिया में आई खबरों के बारे में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से चर्चा की है।
केरल प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) के प्रमुख के. सुधाकरन ने कहा कि यह आरोप कि किसी ने करोड़ों रुपये की पेशकश करके लोकतंत्र को खरीदने का प्रयास किया, एक गंभीर मामला है जिसकी न्यायिक जांच की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि विजयन को इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और यह रहस्यमय है कि मुख्यमंत्री पूरे मामले के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए तैयार नहीं हैं।
थॉमस के साथ-साथ केरल में सत्तारूढ़ एलडीएफ ने खबरों का खंडन किया और कहा कि प्रकरण की जांच की जाएगी।
राज्य मंत्री के कृष्णाकुट्टी (जदएस), ए के शशिद्रन (राकांपा) और के.बी. गणेश कुमार (केरल कांग्रेस बी) ने ऐसे किसी घटनाक्रम से इनकार किया है और दावा किया कि वाम मोर्चे में इस तरह की गतिविधि नहीं हुई है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव विनय विश्वम ने कहा कि अगर इन आरोपों के पीछे कोई सच्चाई होगी तो इसमें संलिप्त होने वालों को एलडीएफ का हिस्सा होने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने मामले की समुचित जांच की मांग की।
वाम नेताओं की यह प्रतिक्रिया मीडिया में प्रकाशित उन खबरों के बाद आई कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राकांपा (एसपी) विधायक थॉमस के थॉमस को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया क्योंकि उन्हें शिकायत मिली थी कि थॉमस ने एलडीएफ के दो विधायकों को पाला बदलने के एवज में 50-50 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की पेशकश की थी।
दोनों वाम विधायकों को कथित तौर पर राकांपा (अजित पवार) गुट में शामिल होने का न्योता दिया गया था जो भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन का हिस्सा है।
विश्वम ने मीडिया में आई खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘यह एलडीएफ की राजनीति नहीं है। एलडीएफ के किसी भी विधायक को पैसे से खरीदे जाने के लिए तैयार नहीं होना चाहिए। देश के कई हिस्सों में खरीद-फरोख्त की राजनीति है। यह अपमानजनक है कि हमारे राज्य में भी यह आ गई है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसकी पूरी जांच की जानी चाहिए।’’
एलडीएफ के संयोजक टी पी रामकृष्णन ने भी ऐसी घटना की जानकारी होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो गलत है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी गतिविधियों पर कोई नरम रुख नहीं है लेकिन यह साबित नहीं हुआ है कि ऐसा कुछ हुआ है। हम कह सकते हैं कि तथ्यों की जांच की जा रही है। मैं यह नहीं कह सकता कि मुख्यमंत्री के सामने (तथ्य)क्या था। मैं एलडीएफ का संयोजक हूं और उसपर टिप्पणी नहीं कर सकता।’’
थॉमस ने कहा, ‘‘ मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है। यहां तक कुंजुमन ने भी कहा है कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है।’’ उन्होंने कहा कि जल्द ही वह कुछ खुलासे करेंगे।
थॉमस ने संवाददाताओं से कहा कि मेरा मानना है कि राजू उनके खिलाफ लगे आरोप के पीछे हो सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मामले में गहन जांच की जरूरत है। मैंने सीधे मुख्यंत्री से इस संबंध में अनुरोध करता हूं। इस आरोप का लक्ष्य कुट्टनाडु सीट एंटनी राजू की पार्टी के लिए सुनिश्चित करना है।’’
राकांपा (एसपी) विधायक के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए राजू ने कहा कि उन्होंने मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा की है।
वरिष्ठ राकांपा(एसपी) नेता और राज्य के वनमंत्री शशिंद्रन ने कहा कि पहली नजर में आरोप पर विश्वास करना मुश्किल है, इसलिए वह रिश्वत नहीं दिये जाने के थॉमस के दावे पर अविश्वास नहीं कर रहे हैं ।
कुंजमन ने कहा कि मुख्यमंत्री विजयन उन्हें बुलाएं और आरोपों पर बातचीत करें।
राकांपा के अजित पवार गुट ने आरोपों से इनकार किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एन ए मोहममेडकुट्टी ने कहा कि वाम दल के किसी विधायक से कोई बातचीत नहीं हुई है।
उन्होंने कहा, ‘‘अजित पवार गुट का थॉमस के थॉमस से कोई संबंध नहीं है। पार्टी के बंटवारे के समय दोनों गुटों ने विधायक थॉमस एवं ए के शशिंद्रन से अजित पवार के समर्थन में हलफनामा पर हस्ताक्षर करने को कहा जो उच्चतम न्यायालय एवं निर्वाचन आयोग में जमा किया जाना था लेकिन दोनों ने ऐसा नहीं किया। ऐसे में उस व्यक्ति को कैसे अन्य लोगों को पार्टी में लाने के लिये बोला जा सकता है?’’
इस बीच, अनुसंधान प्रभाग पर अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की केरल इकाई के अध्यक्ष डॉ.बीएस शिजू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अर्जी देकर पूरे मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) से जांच कराने का अनुरोध किया है।
भाषा धीरज