वक्फ समिति के भाजपा सदस्यों ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा से निलंबित करने की मांग की
ब्रजेन्द्र प्रशांत
- 23 Oct 2024, 07:35 PM
- Updated: 07:35 PM
नयी दिल्ली, 23 अक्टूबर (भाषा) वक्फ (संशोधन) विधेयक पर गठित संसद की समिति में शामिल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी को लोकसभा से निलंबित करने और प्राथमिकी दर्ज किये जाने की मांग की।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, अपराजिता सारंगी और अभिजीत गंगोपाध्याय ने समिति की बैठक के दौरान कथित ‘अप्रत्याशित हिंसा’ के लिए जांच पूरी होने तक बनर्जी को सदन से तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
तीनों सांसदों की ओर से हस्ताक्षरित पत्र में लोकसभा आचार समिति से बनर्जी की सदस्यता रद्द करने पर विचार करने के लिए भी मामले की जांच कराने की मांग की गई है।
समिति की बैठक में मंगलवार को उस समय बेहद ही नाटकीय घटनाक्रम हुआ जब बनर्जी ने पानी वाली कांच की बोतल तोड़कर समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल की तरफ फेंक दी, जिसके बाद उन्हें एक दिन के लिए समिति की बैठक से निलंबित कर दिया गया।
भाजपा के सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय के साथ तीखी बहस के दौरान बनर्जी गुस्से में आ गए और बोतल तोड़कर फेंक दी। इस दौरान उनकी अंगुलियों में चोट आई।
भाजपा सदस्यों ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष को लिखे अपने संयुक्त पत्र में कहा कि संसदीय समिति की बैठक के दौरान उन्होंने और समिति के अन्य सदस्यों ने बनर्जी की ‘गुंडागर्दी और अक्षम्य हिंसा’ देखी।
उन्होंने कहा, ‘‘कल्याण बनर्जी द्वारा प्रदर्शित गुंडागर्दी और अक्षम्य हिंसा ने एक सांसद से अपेक्षित सभ्य व्यवहार की सभी सीमाओं को पार कर दिया है, जो अब अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर जानलेवा हमला बन गया है।’’
पत्र में भाजपा सांसदों ने कहा, ‘‘इसलिए आपके द्वारा कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। अन्यथा हमारी संसदीय प्रणाली इतनी धूमिल हो जाएगी कि उसे दुरुस्त नहीं किया जा सकता।’’
भाजपा सांसदों ने आग्रह किया कि पाल पर ‘अप्रत्याशित गुंडागर्दी, अक्षम्य हिंसा और जानलेवा हमले’ के लिए बनर्जी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है।
उन्होंने मांग की, ‘‘लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 316 बी (ए) के तहत सांसद कल्याण बनर्जी के अनैतिक आचरण को उनकी सदस्यता रद्द करने पर विचार के लिए जांच और रिपोर्ट के लिए आचार समिति को भेजा जा सकता है।’’
भाजपा सांसदों ने कहा कि बनर्जी के खिलाफ आगे की कार्रवाई लंबित रहने तक उन्हें सदन और इसकी समितियों की कार्यवाही से निलंबित किया जा सकता है और उनके खिलाफ जांच पूरी होने तक संसद भवन में प्रवेश करने पर भी रोक लगाई जा सकती है।
इससे पहले, विपक्ष के नेताओं ने बुधवार को आरोप लगाया कि पाल ने समिति की बैठक से जुड़े घटनाक्रम के बारे में सार्वजनिक बयान देकर प्रक्रियाओं एवं नियमों का उल्लंघन किया है।
समिति में घटे घटनाक्रम के बारे में मीडिया को दिए बयान में पाल ने बनर्जी के आचरण की निंदा करते हुए कहा था कि ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे।
उन्होंने कहा था, ‘‘यह अप्रत्याशित घटना है...वह सारी सीमाओं को लांघ गए थे, सारी मर्यादा को लांघ गए थे....समिति की अगली बैठक से उन्हें निष्कासित किया गया है।’’
पाल ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को फोन कर घटनाक्रम से अवगत करा दिया है।
पाल ने हालांकि विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया है और सिर्फ एक सदस्य द्वारा की गई हिंसा की घटना का उल्लेख किया।
भाषा ब्रजेन्द्र