बिहार : प्रशांत किशोर ने उपचुनाव के लिए दो विधानसभा सीट पर उम्मीदवार बदले
राजकुमार
- 23 Oct 2024, 04:41 PM
- Updated: 04:41 PM
आरा (बिहार), 23 अक्टूबर (भाषा) बिहार में विधानसभा की चार सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिये नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि से कुछ दिन पहले, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बुधवार को ऐलान किया कि वह दो सीट पर अपने उम्मीदवार बदल रही है।
भोजपुर जिले के मुख्यालय आरा में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान पार्टी ने कहा कि तरारी सीट से सेना के पूर्व उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल श्री कृष्ण सिंह की जगह अब सामाजिक कार्यकर्ता किरण सिंह चुनाव लड़ेंगी।
पिछले सप्ताह ही सिंह की उम्मीदवारी की घोषणा काफी धूमधाम से की गई थी।
पार्टी ने यह भी कहा कि बेलागंज सीट से शिक्षाविद खिलाफत हुसैन की जगह पूर्व पंचायत मुखिया मोहम्मद अमजद को उम्मीदवार बनाया जा रहा है।
यह घोषणा किशोर और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज भारती की मौजूदगी में की गई।
इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए किशोर ने कहा कि वह चुनाव प्रणाली को ‘सत्ता पक्षधर’ मानते हैं, जिसमें नए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, जबकि स्थापित पार्टियों के लिए सब कुछ ठीक-ठाक रहता है।
किशोर ने कहा, ‘‘25 अक्टूबर को जब हमारे उम्मीदवार नामांकन पत्र दाखिल करेंगे, तभी उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित किया जाएगा।’’
साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि जन सुराज के सभी उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
किशोर ने कहा, ‘‘लेफ्टिनेंट जनरल सिंह चुनाव नहीं लड़ सके, क्योंकि चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें स्थानीय मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना होगा। हमने लेफ्टिनेंट जनरल सिंह को मुद्दा बनाने के बजाय अन्य उम्मीदवारों के साथ आगे बढ़ना चुना। किसी भी मामले में, उनकी पसंद ने जन सुराज के पक्ष में एक मजबूत संदेश दिया है।’’
किशोर ने कहा, ‘‘इसी तरह, बेलागंज में अमजद ने ही हुसैन साहब के नाम का प्रस्ताव उनकी वरिष्ठता को देखते हुए रखा था। लेकिन बुजुर्ग शिक्षाविद ने उम्र और शिक्षा में रुचि का हवाला देते हुए असमर्थता जताई है।’’
राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने किशोर ने कहा, ‘राजग और ‘इंडिया’ गठबंधन के अधिकतर उम्मीदवारों के विपरीत, हमारे उम्मीदवार जाने-माने राजनेताओं के परिवार के सदस्य नहीं हैं। जन सुराज ने बिहार को राजनीतिक विकल्प प्रदान करने का अपना वादा निभाया है, जिसमें केवल सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए चुने गए आम पुरुषों और महिलाओं को मैदान में उतारा गया है।’’
आईपीएसी के संस्थापक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद जैसे नेताओं को दी गई अपनी पेशेवर सेवाओं को भी याद किया और कहा, ‘‘जो लोग दावा करते हैं कि मेरे पास राजनीतिक कौशल नहीं है, यह उनकी अकृतज्ञता को दर्शाता है।’’
भाषा अनवर