हरियाणा में भाजपा को विकास पर भरोसा, मतदाता डिजिटलीकरण से नाखुश
देवेंद्र प्रशांत
- 03 Oct 2024, 05:14 PM
- Updated: 05:14 PM
(सागर कुलकर्णी)
करनाल/कुरुक्षेत्र, तीन अक्टूबर (भाषा) हरियाणा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भले ही विकास के अपने ‘ट्रैक रिकॉर्ड’ के दम पर जीत हासिल करने की कोशिश कर रही हो, लेकिन मतदाता राज्य सरकार द्वारा परिवार और संपत्ति पहचान प्रमाण पत्रों के जरिये डिजिटलीकरण पर जोर दिए जाने से नाखुश दिख रहे हैं।
हरियाणा से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-1 के दिल्ली-अंबाला खंड के शहरों और गांवों का दौरा करने पर किसानों की समस्याएं और अग्निपथ योजना के खिलाफ गुस्सा जैसे मुद्दे भी सामने आते हैं।
मुख्यमंत्री सैनी के लाडवा निर्वाचन क्षेत्र के किसान कृष्ण कुमार ने कहा, ‘‘हमने राज्य में विकास परियोजनाएं देखी हैं। हर गांव में अच्छी सड़कें हैं। लेकिन परिवार पहचान पत्र और संपत्ति पहचान योजनाएं परेशानी का सबब बन रही हैं।’’
राज्य में 54 लाख परिवारों को सामाजिक सुरक्षा लाभों के आसान वितरण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा 2019 में परिवार पहचान पत्र पहल शुरू की गई थी।
मार्च में मनोहर लाल खट्टर के स्थान पर नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया गया था।
कैथल के दियोरा गांव के किसान राजेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘इन पहचान पत्रों का कोई अंत नहीं है। अपना आधार कार्ड बनवाओ, अब परिवार पहचान पत्र और संपत्ति पहचान पत्र बनवाओ...और फिर सुधार के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटते रहो।’’
उन्होंने कहा कि गांव में कई पारिवारिक आईडी में कई त्रुटियां हैं और यहां तक कि चार महीने के बच्चे की वार्षिक आय चार लाख रुपये दर्शायी गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘लोग परिवर्तन चाहते हैं और परिवर्तन की हवा चल रही है।’’
हाल के लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस ने पांच-पांच सीट पर जीत दर्ज की थी।
लोकसभा चुनाव परिणामों पर करीबी नजर डालने पर पता चलता है कि कांग्रेस को 90 विधानसभा क्षेत्रों में से 46 में बढ़त मिली है।
कांग्रेस राज्य में भाजपा नीत सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर और लगभग साढ़े नौ साल तक मुख्यमंत्री रहे मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ ‘कुशासन’ के आरोपों का फायदा उठाने की उम्मीद कर रही है और राज्य में जोरदार प्रचार कर रही है।
कैथल के मूंदड़ी गांव के किसान जरनैल सिंह ने अग्निवीर पहल और सशस्त्र बलों में नियमित भर्ती रोके जाने के खिलाफ रोष का मुद्दा उठाया।
सिंह ने पूछा, ‘‘सशस्त्र बलों में चार साल की सेवा के बाद आप इन युवाओं से क्या उम्मीद करते हैं? उन्होंने दावा किया कि गांव में सशस्त्र बलों में जाने वाले युवाओं की संख्या कम है।’’
करनाल के भाजपा जिला महासचिव सुनील गोयल ने कहा, ‘‘इजराइल को देखिए। हर घर में ऐसा व्यक्ति है जो सशस्त्र बलों में सेवा कर चुका है। देखिए कि वे हिजबुल्ला और हूती जैसे समूहों के खिलाफ कैसे सफल हो रहे हैं। यह उनकी सेनाओं के लिए अग्निपथ जैसी पहल की वजह से है।’’
गोयल ने कहा कि वह अग्निपथ योजना के लाभों को समझाने के लिए जनसभाओं में इजराइल और अमेरिका का उदाहरण दे रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा, ‘‘अग्निपथ राष्ट्र को मजबूत करेगा और हमारी सेना को भी युवा स्वरूप प्रदान करेगा।’’
इस क्षेत्र के किसान, जो बेहतरीन बासमती चावल के उत्पादक के रूप में जाने जाते हैं, अपनी फसलों के लिए एमएसपी न मिलने की शिकायत कर रहे हैं।
कुरुक्षेत्र के निकट कौल गांव के किसान नफे सिंह ने कहा, ‘‘थोक बाजार 2,320 रुपये के एमएसपी के मुकाबले 1700 रुपये प्रति क्विंटल की पेशकश कर रहे हैं।’’
सिंह ने कहा कि कई किसानों ने बाद में बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद में धान की कटाई में देरी की है।
भाषा
देवेंद्र