राजस्थान एसओजी की जांच के बीच एनटीए ने निष्पक्ष, विश्वसनीय परीक्षा के लिये जताई प्रतिबद्धता
दिलीप
- 11 May 2026, 06:04 PM
- Updated: 06:04 PM
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने कहा है कि नीट (स्नातक) 2026 का आयोजन "पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल" के तहत किया गया था और कथित अनियमितताओं की राजस्थान एसओजी द्वारा की जा रही पड़ताल की खबरों के बीच वह जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है।
स्नातक स्तर पर चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा तीन मई को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) आयोजित की गई थी।
रविवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में, एनटीए ने कहा कि प्रश्न पत्रों को जीपीएस-ट्रैकिंग उपकरण लगे वाहनों में ले जाया गया था, जिन पर खास और पहचानने योग्य निशान लगे थे। साथ ही, परीक्षा केंद्रों की निगरानी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से एआई सहायित सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही थी।
एजेंसी ने बताया कि सभी उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया और परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों पर 5जी जैमर तैनात किए गए थे। एनटीए ने कहा, "परीक्षा प्रक्रिया सभी केंद्रों पर योजना के अनुसार संपन्न हुई।"
एनटीए ने कहा, "राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को राजस्थान विशेष अभियान समूह (एसओजी) द्वारा नीट (स्नातक) 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी है। तीन मई, 2026 को परीक्षा निर्धारित समय पर और पूर्ण सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आयोजित की गई थी।"
एजेंसी के अनुसार, कथित कदाचार गतिविधि के संबंध में सूचना परीक्षा के चार दिन बाद, सात मई की देर शाम को प्राप्त हुई और "स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई" के लिए आठ मई की सुबह केंद्रीय एजेंसियों को इस बारे में अवगत कराया गया।
इसमें आगे कहा गया है कि कानून लागू करने वाले अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई, जिसमें की गई हालिया गिरफ्तारियां भी शामिल हैं, जांच एजेंसियों के "पेशेवर और समयबद्ध कार्य" का परिणाम थीं।
उसने कहा, "एनटीए (जांच) एजेंसियों के प्रति अपनी सराहना व्यक्त करता है और पुष्टि करता है कि वह पूर्ण सहयोगात्मक भूमिका निभाते हुए उनके साथ मिलकर काम कर रही है और परीक्षा संबंधी सभी आवश्यक आंकड़े और तकनीकी सहायता प्रदान किये जा रहे हैं।"
एनटीए ने कहा कि मामले में अभी जांच जारी है और वह "जांच के बारे में पहले से कोई राय नहीं बनाएगा" या परिणाम के बारे में अटकलें नहीं लगाएगा।
उसने कहा, "मामला फिलहाल जांच के अधीन है और संबंधित एजेंसियां समय रहते तथ्यों का पता लगा लेंगी। एनटीए जांच के बारे में कोई पूर्वधारणा नहीं बनाएगी और न ही इसके संभावित परिणाम के बारे में कोई अनुमान लगाएगी।"
एनटीए ने कहा, "एजेंसियों द्वारा जो भी निर्णय लिए जाएंगे- जिनमें आगे की कार्रवाई की आवश्यकता वाले निष्कर्ष भी शामिल हैं - उनकी पारदर्शी रूप से जांच की जाएगी और स्थापित प्रक्रिया के अनुसार उनका खुलासा किया जाएगा।"
छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करने के उद्देश्य से, एनटीए ने कहा कि "अधिसंख्य वास्तविक अभ्यर्थियों" के प्रयासों और ईमानदारी को कम करके नहीं आंका जाएगा।
उसने कहा, "एनटीए इस तरह की खबरों से उत्पन्न होने वाली चिंता से अवगत है, और हम अभ्यर्थियों से अनुरोध करते हैं कि वे एजेंसियों को अपना काम पूरा करने के लिए पर्याप्त समय दें। शिक्षा मंत्रालय के परामर्श से उचित समय पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।"
उसने कहा, "एनटीए निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय परीक्षाओं के लिए प्रतिबद्ध है और परीक्षा प्रणाली की शुचिता के समर्थन में सभी जांच एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।"
इस बीच, राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने कहा कि जांच फिलहाल एक "गेस पेपर" पर केंद्रित है, जिसे कथित तौर पर परीक्षा से पहले छात्रों के बीच वितरित किया गया था।
बंसल ने कहा, "नीट परीक्षा से जुड़ी कई गलतफहमियों के संदर्भ में, मैं एक बात स्पष्ट करना चाहूंगा: एक गेस पेपर होता है, जिसमें लगभग 410 प्रश्न होते हैं। इनमें से, ऐसा आरोप है कि रसायन विज्ञान में लगभग 120 प्रश्न पूछे गए थे।"
हालांकि परीक्षा में रसायन विज्ञान के प्रश्नपत्र में 45 प्रश्न थे, लेकिन परीक्षा में प्रश्नपत्रों के चार सेटों का उपयोग किया गया था।
उन्होंने कहा, "खबर मिली है कि यह गेस पेपर छात्रों के बीच काफी पहले से ही प्रसारित हो रहा था; यह वास्तविक परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक उन तक पहुंचना शुरू हो गया था। हम गेस पेपर के आधार पर जांच कर रहे हैं और यह सार्वजनिक रूप से भी उपलब्ध है।"
बंसल ने कहा कि जांच फिलहाल इस बात पर केंद्रित है कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर कोई धोखाधड़ी या आपराधिक गतिविधि हुई है।
उन्होंने आगे कहा, "अभी तक हमने किसी भी तरह की कोई गिरफ्तारी नहीं की है।"
भाषा प्रशांत दिलीप
दिलीप
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