पीडीपी बुरे दौर से गुजर रही, लेकिन गैर-भाजपा गठबंधन सरकार बनाने में होगी अहम भूमिका : इल्तिजा
धीरज माधव
- 14 Sep 2024, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
(तस्वीर के साथ)
(जेहरा शफी)
श्रीनगर, 14 सितंबर (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने कहा है कि पार्टी इस समय अपने बुरे दौर से गुजर रही है लेकिन जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के बाद गैर-भाजपा गठबंधन सरकार बनाने में वह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इल्तिजा मुफ्ती परिवार की तीसरी पीढ़ी की नेता हैं। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा पहली बार चुनाव लड़ रही हैं। वह दक्षिण कश्मीर के बिजबेहरा सीट से किस्मत आजमा रही हैं जिसे मुफ्ती परिवार का गढ़ माना जाता है।
इल्तिजा ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा कि वह मुश्किल दौर में चुनावी मैदान में उतर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब स्थिति अशांत हैं, सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लिए ही नहीं, बल्कि पार्टी के लिए भी। हम शायद इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। ईमानदारी से कहूं तो मेरे लिए यह बहुत सी चीजों को बचाने के के लिए है।’’
इल्तिजा जोर देते हुए कहा कि वह चाहे कोई भी भूमिका निभाएं, उनकी पारिवारिक विरासत बची रहेगी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों की पीड़ा कम होने की उम्मीद भी जताई।
पीडीपी की युवा नेता ने कहा, ‘‘मीडिया ऐसा दिखा रहा है जैसे मेरी मां महारानी एलिजाबेथ हैं और मैं महारानी विक्टोरिया हूं, और उन्होंने मेरे सिर पर ताज पहनाया है। ऐसा नहीं है। मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा है, जैसा कि आप देख सकते हैं कि यह सीट चुनौतीपूर्ण है।’’
इल्तिजा ने दावा किया है कि चुनावों के बाद पीडीपी ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाएगी। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि चुनावों के बाद जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सरकार बनेगी और उनकी पार्टी इसके गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर मुझे भरोसा नहीं होता तो मैं हर मंच पर यह बात नहीं दोहराती। मेरा मानना है कि अंतत: गैर-भाजपा गठबंधन सरकार बनेगी और पीडीपी यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि सरकार कब बनेगी।’’
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के कई पूर्व सदस्यों सहित कई निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में उतरने के बारे में पूछे जाने पर पीडीपी नेता ने कहा कि घाटी में मुख्यधारा की पार्टियों को जेईआई के चुनाव लड़ने को लेकर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए।
इल्तिजा ने कहा, ‘‘उन्हें लड़ने दीजिए। जमात एक बहुत अच्छा संगठन है, उन्होंने अविश्वसनीय काम किया है। वे बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करते हैं, हम उसके बारे में बात क्यों नहीं करते? यह वही जमात है जिसे 1987 में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपराधी घोषित किया था, खुद चुनावों में धांधली की और बड़े पैमाने पर धांधली के जरिए जीत हासिल की। हम अभी भी इसके परिणाम भुगत रहे हैं।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘तो, जमात को क्यों नहीं लड़ना चाहिए? सबको लड़ने दो। हमें इतना असुरक्षित क्यों होना चाहिए, इस डर से कि वे हमारे चुनावी स्थान को खा जाएंगे और उनकी भागीदारी को रोकने की कोशिश करेंगे। उन्हें भाग लेने दें।’’
इल्तिजा ने कहा कि यह मतदाताओं पर निर्भर है कि वे मुफ्ती, जमात या किसी और को चुनना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कुछ लोग उनकी पार्टी को भाजपा की ‘बी’ टीम बताते हैं तो वह इसमें कुछ नहीं कर सकतीं।
इल्तिजा ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि सभी को एक ही रंग में रंगकर सामान्यीकरण करना उचित है। हम देखते हैं कि मुख्यधारा की पार्टियों को कैसे बदनाम किया जा रहा है। हमें एक-दूसरे के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए। हमें एक-दूसरे की प्रतिष्ठा को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए, हमें दयालु होना चाहिए और अपनी बहस को सभ्य रखना चाहिए।’’
बारामूला से लोकसभा सदस्य शेख अब्दुल राशिद लगातार उनकी पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस को निशाना बना रहे हैं। इस बारे में पूछे जाने पर पीडीपी नेता ने कहा कि वह कीचड़ उछालने में विश्वास नहीं रखतीं। हालांकि, उन्होंने तिहाड़ जेल से राशिद की अंतरिम जमानत पर रिहाई का स्वागत किया एवं उन्हें नियमित जमानत देने की मांग की।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए तीन चरणों में 18 सितंबर, 25 सितंबर और एक अक्टूबर को मतदान होगा। बिजबेहरा सीट पर पहले चरण में मतदान होगा। मतों की गिनती आठ अक्टूबर को होगी।
भाषा धीरज