प्रधानमंत्री मोदी का वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाना ‘राजनीतिक घटना’ : कांग्रेस
धीरज प्रशांत
- 14 Sep 2024, 08:42 PM
- Updated: 08:42 PM
जमशेदपुर, 14 सितंबर (भाषा) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की कार्यकारी समिति के सदस्य डॉ. अजय कुमार ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा यहां टाटानगर स्टेशन से वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का रविवार को प्रस्तावित कार्यकम एक ‘राजनीतिक घटना’ है क्योंकि यहां की 80 प्रतिशत आबादी उस ट्रेन में यात्रा का खर्च वहन नहीं कर सकती।
प्रधानमंत्री मोदी पूर्वाह्न करीब 10 बजे टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन से टाटानगर-पटना वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
एआईसीसी में ओडिशा, तमिलनाडु और पुडुचेरी के प्रभारी कुमार ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘यहां वंदे भारत ट्रेन का उद्घाटन ठीक है, लेकिन मोदी सरकार रेल दुर्घटनाओं को रोकने में विफल रही है।’’
कुमार ने सवाल किया कि वंदे भारत जैसी रेलगाड़ियों के उद्घाटन से यहां की 80 प्रतिशत आबादी को क्या लाभ होगा, जिनकी मासिक आय 18,000 रुपये से 25,000 रुपये के बीच है।
उन्होंने कहा कि देश में औसतन 35 करोड़ आबादी साधारण श्रेणी की रेलगाड़ियों में यात्रा करती हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने पहले ही इन रेलगाड़ियों में सामान्य और शयनयान श्रेणी के डिब्बों की संख्या कम कर दी है और यात्रियों के प्रतीक्षा सूची टिकट के साथ यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
कुमार ने कहा कि इससे आम आदमी को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार साधारण रेलगाड़ियों में सुविधाएं बेहतर करने पर ध्यान नहीं दे रही है एवं केवल दो से तीन प्रतिशत लोगों के लिए काम कर रही है।
कांग्रेस नेता ने सुझाव दिया कि मोदी सरकार को रेलगाड़ियों की समयबद्धता पर ध्यान देना चाहिए, रेल दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास करना चाहिए ताकि वे वंदे भारत में यात्रा करने में सक्षम हो सकें।
रेल हादसों का संदर्भ देते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेपीसीसी) के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि इसकी सूची काफी लंबी है और मोदी सरकार इस पर लगाम लगाने में बुरी तरह विफल रही है।
केंद्र में सत्तारूढ़ एवं राज्य में मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कुमार ने कहा कि पार्टी आदिवासियों की हिमायती होने का दिखावा कर रही है लेकिन सच्चाई यह है कि राज्य में लंबे समय तक शासन करने के बाद भी उसने हमेशा उन्हें धोखा दिया है।
कुमार ने आरोप लगाया कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने आदिवासी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता के प्रतीक ‘सरना धर्म’ से संबंधित एक विधेयक दो साल पहले राज्य मंत्रिमंडल से पारित कराकर केंद्र को भेजा था लेकिन उसे अबतक मंजूरी नहीं दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ऐसा दृष्टिकोण दर्शाता है कि भाजपा आदिवासी विरोधी है।
भाजपा नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों के आदिवासियों की जमीन हड़पने के आरोपों को कुमार ने सिरे से खारिज कर दिया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 12 सितंबर को झारखंड उच्च न्यायालय में इस मुद्दे पर दायर हलफनामे में स्वीकार किया है कि उनके पास घुसपैठियों द्वारा आदिवासी लड़कियों से शादी करने के बाद जमीन हड़पने का कोई आंकड़ा नहीं है।
उन्होंने हिंमत विश्व शर्मा का इस्तीफा मांगते हुए सवाल किया कि भाजपा नेता ने किस आधार पर यह आरोप लगाया है।
भाषा धीरज