लोकसभा चुनाव की उम्मीदवारी से नाम वापस लेने के बाद रोहन गुप्ता ने अब पार्टी छोड़ी
गोला मनीषा
- 22 Mar 2024, 05:25 PM
- Updated: 05:25 PM
अहमदाबाद, 22 मार्च (भाषा) कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने ‘‘अपमान’’ और ‘‘चरित्र हनन’’ का हवाला देते हुए शुक्रवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अन्य सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।
लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है।
कांग्रेस ने रोहन को अहमदाबाद पूर्व लोकसभा सीट से टिकट दिया था लेकिन उन्होंने अपने पिता की खराब सेहत का हवाला देते हुए गत सोमवार को अपना नाम वापस ले लिया था।
उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं तत्काल प्रभाव से कांग्रेस पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।’’
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भी इस्तीफे की प्रति पोस्ट की।
रोहन ने पत्र में कहा, ‘‘मुझे आपको यह बताते हुए दुख हो रहा है कि पिछले दो साल से पार्टी के संचार विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ नेता द्वारा लगातार अपमान और चरित्र हनन (जिससे पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अवगत हैं) तथा अब निजी संकट के वक्त ने मुझे यह फैसला लेने के लिए विवश कर दिया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके व्यवहार से गंभीर मानसिक पीड़ा और तनाव हुआ तथा मुझे अपने आत्म-सम्मान की रक्षा करने के लिए भारी मन से पार्टी से इस्तीफा देने के लिए विवश होना पड़ा।’’
इस्तीफे की प्रति के साथ ‘एक्स’ पर पोस्ट किए एक अलग पत्र में रोहन ने कहा कि वह किसी चीज से डरते नहीं हैं लेकिन जब उन्हें धोखा देने की ‘‘व्यवस्थागत साजिश’’ रची गयी तो उन्हें अपनी आवाज उठानी पड़ी।
रोहन ने कहा, ‘‘मेरी विनम्रता को मेरी कमजोरी न समझा जाए। मैंने संघर्ष से गुजरते हुए सीखा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जिस व्यक्ति ने पिछले दो साल से मुझे अपमानित किया, जो व्यक्ति पिछले तीन दिन से ऐसा करने से बाज नहीं आया, मुझे विश्वास है कि वह भविष्य में ऐसा करने से नहीं रुकेगा और कोई उन्हें रोक भी नहीं पाएगा। लेकिन अब मैं अपने आत्म-सम्मान पर और कोई प्रहार होने देने के लिए तैयार नहीं हूं।’’
रोहन ने कहा कि उन्होंने भारी मन से पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है। उन्होंने इस फैसले को ‘‘बहुत मुश्किल लेकिन अपने आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक बताया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसी व्यक्ति ने अपने अहंकार और अभद्र व्यवहार से पार्टी को भी नुकसान पहुंचाया है। उनकी अत्यधिक वामपंथी मानसिकता के कारण उन्होंने सनातन धर्म के अपमान पर पार्टी की चुप्पी सुनिश्चित की जिससे मुझे व्यक्तिगत रूप से ठेस पहुंची और मुझे राष्ट्रीय टीवी पर सनातन धर्म पर विपक्ष के अपमान से जबरन रोका गया।’’
रोहन ने कहा कि इससे पार्टी की छवि और कांग्रेस नेताओं के मनोबल को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने कहा, ‘‘नेतृत्व को इस तरह के नेताओं की ऐसी गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो कि ईमानदार कार्यकर्ताओं तथा नेताओं की आत्मा को ठेस पहुंचाते हैं और उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए विवश करते हैं।’’
कांग्रेस नेता रोहन गुप्ता ने दावा किया कि उन्होंने अपने पिता के जोर देने पर अहमदाबाद (पूर्व) लोकसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया है। उनके पिता ने दो दशक पहले कांग्रेस के टिकट पर इसी सीट से चुनाव लड़ा था
रोहन के मुताबिक, उनके पिता नहीं चाहते कि उन्हें (रोहन को) वही अनुभव हो जो उन्होंने 20 साल पहले चुनावी प्रतियोगिता के दौरान झेला था।
रोहन ने मंगलवार रात संवाददाताओं से कहा था कि उनके पिता राजकुमार गुप्ता उनके चुनाव लड़ने के फैसले से खुश नहीं हैं और उन पर दबाव डालने के लिए उन्होंने कुछ दिन पहले कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और पार्टी के साथ अपने दशकों पुराने रिश्ते भी तोड़ दिए।
रोहन ने कहा था कि उनके पिता बेहोश हो गए और उन्हें आईसीयू में ले जाना पड़ा, लेकिन उन्होंने इंजेक्शन लेने से इनकार कर दिया और रोहन से लिखित में आश्वासन देने को कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ने की उनकी इच्छा का पालन करेंगे।
वर्ष 2004 के लोकसभा चुनावों में राजकुमार गुप्ता को भाजपा के हरिन पाठक ने 77,000 मतों के अंतर से हराया था।
भाषा गोला