बंगाल: न्यायिक अधिकारियों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई, पुलिस बढ़ाएगी सुरक्षा
जोहेब पवनेश
- 11 Sep 2024, 08:53 PM
- Updated: 08:53 PM
कोलकाता, 11 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर उपमंडलीय अदालत के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों ने रविवार रात एक व्यक्ति को कथित तौर पर उनके आवासीय परिसर के बाहर घूमते हुए देखे जाने के बाद अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
अधिकारियों को संदेह है कि वह व्यक्ति विशेष रूप से यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम से संबंधित मामलों से जुड़े हालिया न्यायिक आदेशों के बाद न्यायपालिका में डर पैदा करने और इसके कामकाज में बाधा डालने के लिए परिसर में बिजली आपूर्ति ठप करना चाहता था।
बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों की चिंताओं को लेकर उनके साथ एक बैठक आयोजित की गई थी।
अधिकारी ने कहा, "हमने उनके आवासीय परिसर में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया है। न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है।"
पुलिस ने न्यायिक अधिकारियों की चिंताओं पर गौर करने का आश्वासन देते हुए कहा कि दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों समेत किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इसके अतिरिक्त, इस मामले में कथित तौर पर शामिल एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।
अधिकारी ने जोर देकर कहा, "हम इसे बहुत गंभीरता से ले रहे हैं और जिला न्यायाधीश से बात की है। न्यायाधीशों की सुरक्षा सर्वोपरि है। हमने उनकी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके आवासीय परिसरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल और सुरक्षा कर्मियों से बात करने के बाद, हमने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और जल्द ही उसे आरोपित किया जाएगा।"
मामले में शामिल पुलिस अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
अधिकारी ने कहा, "उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
कलकत्ता उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (निरीक्षण-1) को लिखे एक पत्र में, जिला न्यायाधीश शुभ्रदीप मित्रा ने कहा कि उस व्यक्ति को न्यायाधीश आवासीय परिसर के अंदर घूमते देखा गया था, जिससे बदमाशों और स्थानीय पुलिस के बीच संभावित मिलीभगत की आशंका पैदा हो गई।
न्यायिक अधिकारियों ने दक्षिण 24-परगना के जिला न्यायाधीश को एक संयुक्त पत्र भी सौंपा, जिसमें उनकी सुरक्षा के लिए तत्काल उपाय करने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने आग्रह किया कि उनकी चिंताओं को दूर करने और सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को पत्र लिखकर न्यायपालिका की सुरक्षा व स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
भाषा जोहेब