राजस्थान: विवाहित जोड़ों व युगलों के सुरक्षा पुलिस सुरक्षा मांगने पर कार्रवाई के लिए एसओपी तय
धीरज
- 07 Sep 2024, 05:27 PM
- Updated: 05:27 PM
जयपुर, सात सितम्बर (भाषा) राजस्थान पुलिस ने सुरक्षा मांगने वाले विवाहित जोड़ों व करीबी रिश्ते (क्लोज रिलेशनशिप) में रह रहे युगलों के आवेदनों पर कार्रवाई के लिए मानक संचालक प्रक्रिया (एसओपी) तय की है।
आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इस संबंध में पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (सिविल राइट्स) भूपेंद्र साहू द्वारा आदेश जारी किए गए हैं।
एडीजी साहू ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर के दो अगस्त 2024 को दिए गए आदेश की पालना में यह एसओपी निर्धारित की गई है। इसके अनुसार राज्य के विवाहित जोड़े एवं 'क्लोज रिलेशनशिप' में रह रहे युगल स्वयं, किसी प्रतिनिधि अथवा अधिवक्ता के जरिए प्रार्थना पत्र दे सकते है। यदि उन्हें किसी से भी खतरा हो तो वे इस संबंध में नामित नोडल अधिकारी को सुरक्षा के लिए अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगे।
एसओपी के मुताबिक ऐसे युगल सुगम रिपोर्टिंग के लिए डायल 112, महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, राज्य स्तरीय व्हाट्सएप हेल्पलाइन 8764871150, जिला स्तरीय व्हाट्सएप हेल्पलाइन एवं पुलिस नियंत्रण कक्ष के नंबर, जिला स्तर पर संचालित नियंत्रण कक्ष की ईमेल आईडी पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
तय एसओपी के अनुसार नोडल अधिकारी शिकायत पर तुरंत पीड़ित युगल को अंतरिम राहत प्रदान करेंगे। सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में आवेदक के बयानों की ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। यदि ऐसे युगलों को किसी प्रकार का खतरा है तो पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेगी। यदि सुरक्षा उपलब्ध कराने के पर्याप्त आधार नहीं है तो स्पष्ट कारण बताएं जाएंगे।
ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी चाहे तो युगलों के परिजनों को बुलाकर आपसी समझाइश का प्रयास करेंगे। यदि युगल के परिजनों को किसी अन्य व्यक्ति या समूह द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत प्राप्त हो तो तत्काल उनकी सुरक्षा एवं विधिक कार्रवाई किया जाना सुनिश्चित करेंगे। यदि संबंधित को आश्रय की आवश्यकता हो तो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित ‘सेफ हाउस’ (सुरक्षित आश्रय) में उनके रहने की व्यवस्था कराएंगे।
साहू ने बताया कि संबंधित युगल नोडल अधिकारी या जिला पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपायुक्त से भी संतुष्ट नहीं है तो जिला एवं राज्य स्तर पर संचालित पुलिस जवाबदेही समिति को अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। यह समिति आवेदक की शिकायत का निस्तारण तर्क संगत समय पर सुनिश्चित करेंगे।
भाषा पृथ्वी