चिकित्साकर्मियों की सुरक्षा: विस्तृत परामर्श के लिए एनटीएफ ने की पहली बैठक, नया पोर्टल सक्रिय
धीरज संतोष
- 27 Aug 2024, 09:02 PM
- Updated: 09:02 PM
नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा एवं संरक्षा के लिए दिशानिर्देश तैयार करने के उद्देश्य से उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित कार्यबल की पहली बैठक मंगलवार को हुई। इस दौरान प्राथमिकता वाले मुद्दों की पहचान करने और उनके समाधान की रूपरेखा तैयार करने की खातिर हितधारकों से विस्तृत परामर्श करने का फैसला किया गया।
उच्चतम न्यायालय ने कोलकाता के सरकारी आर.जी.कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सक से कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या किए जाने की घटना के खिलाफ देशभर में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद मामले पर पिछले सप्ताह स्वत: संज्ञान लिया था और 10 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यबल (एनटीएफ) का गठन किया था।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘सजेशन टू एनटीएफ’ शीर्षक से एक राष्ट्रीय पोर्टल बनाया है ताकि पूरे देश से व्यक्ति और हितधारक अपने सुझाव दे सकें। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल का लिंक मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसे आज से ही सक्रिय कर दिया गया है।
पोर्टल पर प्राप्त मुख्य हितधारकों और एवं अन्य के सुझावों को मंत्रालय संकलित करेगा ताकि एनटीएफ सदस्य उनपर आगे और विचार कर सकें।
बैठक कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान गृह सचिव और स्वास्थ्य सचिव सहित सभी सदस्य मौजूद रहे।
अधिकारियों ने बताया कि एनटीएफ सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की और अपने-अपने सुझाव दिए।
सदस्यों ने सूचित किया कि उनसे विभिन्न हितधारकों ने सीधे संपर्क किया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से करीब 300 से 400 सुझाव प्राप्त हुए हैं।
अधिकारियों ने बताया, ‘‘ सचिव (स्वास्थ्य) एनटीएफ सदस्यों के साथ प्रमुख हितधारकों से विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे।’’
उन्होंने बताया कि राज्यों से भी अनुरोध किया गया है कि वे चिकित्सा संस्थानों पर उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दें और इसके लिए राज्यों से ‘गूगल शीट’ साझा किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशकों के साथ चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों की सुरक्षा के लिए अल्पकालिक उपायों पर चर्चा की जाएगी। इसकी सह-अध्यक्षता केंद्रीय गृह सचिव और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव करेंगे।
एक सूत्र ने बताया,‘‘बैठक में फैसला लिया गया कि एनटीएफ आगे भी आईएमए, संबंधित ‘रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन’ जैसे हितधारकों के साथ विस्तृत बातचीत करेगा, क्योंकि उनके विचारों को जानना और उनकी बात सुनना महत्वपूर्ण है।’’
सूत्र ने कहा, ‘‘हमने कुछ सुझावों पर पहले ही विचार-विमर्श कर लिया है, लेकिन हम उनका विस्तार करेंगे तथा इसे और अधिक समावेशी और व्यापक बनाने के लिए आगे भी विचार-विमर्श करेंगे, ताकि हमें उन मुद्दों पर स्पष्टता मिल सके, जिन्हें प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। साथ ही कार्यान्वयन के लिए निश्चित रूपरेखा भी तैयार करनी होगी।’’
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गत बुधवार को एक कार्यालय ज्ञापन जारी किया था, जिसमें एनटीएफ के लिए संदर्भ की शर्तों का उल्लेख किया गया था। इसके अनुसार, यह चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा, कार्य स्थितियों और कल्याण तथा अन्य संबंधित मामलों से संबंधित चिंताओं के समाधान के लिए प्रभावी सिफारिशें करेगा।
उच्चतम न्यायालय ने एनटीएफ को दो उप-शीर्षकों - ‘चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों के खिलाफ लिंग आधारित हिंसा सहित हिंसा को रोकना और सुरक्षित कार्य स्थितियां प्रदान करना’ और ‘चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों के खिलाफ यौन हिंसा की रोकथाम’, के तहत एक कार्य योजना तैयार करने के लिए कहा था।
भाषा धीरज